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जी-20 समूह अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट से बचने के लिए ज़रूरी सहयोग पर सहमत

इटली के प्रधान मंत्री मारियो द्राग़ी ने जी-20 के एक आपातकालीन शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के बाद कहा कि यह समूह अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट से बचने के लिए ज़रूरी सहयोग पर सहमत हो गया है, भले ही इसके लिए तालिबान के साथ समन्वय क्यों न करना पड़े।

यूरोपीय संघ ने मंगलवार को मदद के रूप में एक अरब यूरो का वचन दिया है, जिसे अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय ज़रूरतों को पूरा करने और 15 अगस्त को देश पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद से भाग रहे अफ़ग़ान शरणार्थियों को स्वीकार करने वाले पड़ोसी देशों की सहायता के लिए ख़र्च किया जाएगा।

विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंस के अंत में पत्रकारों से बात करते हुए द्राग़ी ने कहा कि मूल रूप से मानवीय संकट से बचने के लिए उठाए जाने वाले क़दमों को लेकर सभी एकमत हैं।

अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन, भारतीय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और कई यूरोपीय नेताओं ने वर्चुअल सम्मेलन में भाग लिया। यह सम्मेलन ऐसे वक़्त में आयोजित किया गया है कि जब अफ़ग़ानिस्तान से पराजित होकर हड़बड़ी में अमरीका के फ़रार होने और देश पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद पहली बार दोनों के प्रतिनिधियों ने क़तर में बातचीत की है।

हालांकि इतालवी प्रधान मंत्री ने यह भी कहा कि अफ़ग़ान जनता की मदद के लिए तालिबान के साथ सहयोग का मतलब, उनकी सरकार को मान्यता देना नहीं है, क्योंकि तालिबान को उनके काम से परखा जाएगा न कि उनकी बातों से।

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