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प्रियंका जी और राहुल गांधी अपने आप को ‘चैंपियन्स ऑफ़ दलित राइट्स’ के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं : बीजेपी

बीजेपी ने कांग्रेस पर लखीमपुुर खीरी हिंसा को लेकर राजनीति करने और कांग्रेस शासित राज्यों में दलितों और पिछड़ों पर हो रही हिंसा को लेकर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बीजेपी सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “आप देख रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में किस प्रकार की राजनीति करने की कोशिश हो रही है. भाजपा ने बार-बार कहा है और आज फिर मैं कह रहा हूं कि लखीमपुर खीरी में जो हुआ है वो पूर्णतः दुःखद है और उस पूरे विषय की निष्पक्ष जांच चल रही है.”

“दुःखद है कि जिस प्रकार की राजनीति कुछ राजनीतिक दल कर रहे हैं और वोट की खेती करने की कोशिश कर रहे हैं, खासतौर से गांधी परिवार, प्रियंका जी और राहुल गांधी अपने आप को ‘चैंपियन्स ऑफ़ दलित राइट्स’ के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं.”

मंगलवार सुबह पीएम मोदी के दिए गए भाषण का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि मानवाधिकार का बहुत ज़्यादा हनन तब होता है जब उसे राजनीतिक रंग से देखा जाता है, राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, राजनीतिक नफ़ा-नुकसान के तराजू से तौला जाता है.इस तरह का सलेक्टिव व्यवहार, लोकतंत्र के लिए भी उतना ही नुकसानदायक होता है.”

‘राजस्थान में हिंसा पर चुप्पी क्यों?’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन राज्यों में हो रही हिंसा पर चुप है जहां उनकी सरकार है.

पात्रा ने कहा, “राजस्थान के प्रेमपुरा गांव में कुछ दिन पहले एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. उसके बाद उसके मृत शरीर को उसके घर के सामने फेंक दिया गया.लेकिन राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, अखिलेश यादव या बंगाल का कोई नेता वहां नहीं गए.”

“राजस्थान का प्रशासन वहां दलितों के साथ हो रही घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं करता, क्या राजस्थान के दलित का कोई मानवाधिकार नहीं है?”

‘राजस्थान के हनुमानगढ़ के किसानों पर वहां के प्रशासन ने लाठी-डंडे बरसाए.राजस्थान में किसान, महिलाएं, दलित प्रदर्शन नहीं कर सकते, और आप पूरे देश में जा-जाकर दलितों, किसानों, महिलाओं के ह्यूमन राइट्स के चैंपियन बनते हैं.”

संबित पात्रा ने राजस्थान और झारखंड में दलितों के ख़िलाफ़ हिंसा के कई और उदाहरण देते हुए सवाल उठाए कि राहुल गांधी और कांग्रेस इसपर चुप क्यों हैं.

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