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‘मॉस्को फ़ोर्मेट’ की बैठक में भारत ने अफ़गानिस्तान को मानवीय सहायता देने की हिमायत की : तालिबान प्रवक्ता

रूस बुधवार को मास्को में तालिबान के साथ एक वार्ता की मेजबानी कर रहा है. ‘मॉस्को फॉर्मेट’ वार्ता नाम से हो रही इस बैठक में चीन, पाकिस्तान समेत 10 देशों के अधिकारी शामिल हो रहे हैं.

अगस्त में अफ़ग़ानिस्तान में सत्ता में आने के बाद तालिबान के लिए सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक है.

तालिबान के प्रवक्ता ज़बिउल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि मॉस्को में चल रही ‘मॉस्को फ़ोर्मेट’ की बैठक में भारत ने अफ़गानिस्तान को मानवीय सहायता देने की हिमायत की है.

ज़बिउल्लाह ने कहा ट्वीट किया, “मॉस्को में भारत के राजदूत ने मॉस्को फ़ोर्मेट मीटिंग में कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायती चाहिए क्योंकि वो देश मुश्किल वक़्त से गुज़र रहा है.”

Zabihullah (..ذبـــــیح الله م )
@Zabehulah_M33
په مسکو فارمټ ناسته کې د هند استازي و ویل، چې د افغانستان خلکو سره بشري مرستې پکار دي، افغانستان له سخت وضعيت څخه تېرېږي. هند چمتو دی چې افغانستان ته بشري مرستې ورکړي.

मॉस्को में यह बैठक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की उस चेतावनी के बाद हो रही है जिसमें उन्होंने कहा था कि इस्लामिक स्टेट के लड़ाके पूर्व सोवियत संघ के देशों में अस्थिरता फ़ैलाने के लिए अफ़ग़ानिस्तान में इक्ट्ठा हो रहे हैं.

रूस ने इस बैठक में साफ़ किया है कि तालिबान को मानवाधिकारों के मसले पर अंतरराष्ट्रीय उम्मीदों पर खरा उतरना होगा.

रूस के प्रतिनिधि ज़मीर काबुलोव ने कहा है कि तालिबान तभी मान्यता मिलेगी जब वो मानवाधिकारों के मुद्दे पर अंतराराष्ट्रीय समुदाय की आशाओं को पूरा करेंगे.

बैठक में तालिबान के प्रतिनिधि ने काबुलोव को बताया कि वे सरकार के संचालन और मानवाधिकारों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

तालिबान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उनके प्रति भेदभाव का रवैया ख़त्म कर, अफ़ग़ान लोगों की मदद के लिए एकजुट होने की अपील की है.

इस मीटिंग में तालिबान ने कहा, “अफ़ग़ानिस्तान की नई सरकार को देश का हर व्यक्ति पसंद नहीं करता, लेकिन हम सरकार को इसकी सज़ा देकर, दरअसल सारे मुल्क को सज़ा दे रहे हैं.

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