इतिहास

यह 14वीं सदी का खगोलीय माप के लिए प्रयुक्त एक उपकरण है, ज़ूम इन करें और देखें!

Alka Singh
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यह 14वीं सदी का खगोलीय माप बनाने के लिए प्रयुक्त एक उपकरण है जो विज्ञान इतिहास के जिनेवा संग्रहालय में है।
ज़ूम इन करें और देखें!
आप इस पर उत्कीर्ण संस्कृत लिपि पा सकते हैं!
जिसमें आप इस पर अंकित १२ राशियों के नाम मकर, धनु, मेष, मीन, कर्क, तुला, सिंह, कन्या ये सब पढ़ सकते हैं ।
जो भारत के मजबूत खगोलीय कौशल एवं अनुसंधान का एक प्रमाण !!
हैरानी की बात ये है कि ये भारतीय धरोहर वहां पहुँची कैसे..?
निश्चित ही इसे
अंग्रेज लूट कर ले गए होंगे। अंग्रेजों में एक अच्छी बात ये थी कि दूसरे संस्कृति की अच्छी चीजों को मजहबी लुटेरों की तरह सामान्यतः नष्ट नहीं करते थे पर चुरा अवश्य लेते थे।
इस उपकरण का भारतीय नाम हटाकर इसे एस्ट्रोलबे नाम अंग्रेजों ने दिया ।
संसार देख ले महान् भारत के गौरवशाली इतिहास के महान भारत की गौरवशाली अतीत का गौरवपूर्ण ऐतिहासिक प्रमाण हैं ।
जय हिंद🇮🇳
जय भारत🙏

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