उत्तर प्रदेश राज्य

राकेश टिकैत ने कहा, “जब तक मंत्री अजय मिश्र की बर्ख़ास्तगी और साज़िश के मामले में गिरफ़्तारी नहीं होगी, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा”

लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए चार किसानों और एक पत्रकार के लिए आज अंतिम अरदास की गई. इस अरदास का आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा ने किया. कई बड़े किसानों नेताओं समेत कुछ सियासतदान भी इस समारोह में शामिल हुए.

तीन अक्तूबर को यहां केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के एक कार्यक्रम के दौरान गाड़ी से कुचले जाने के कारण इन लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा इस समय पुलिस कस्टडी में हैं.

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष और किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी “रेड कार्पेट गिरफ़्तारी थी”. उनसे होने वाली पूछताछ को उन्होंने “गुलदस्ते वाली पूछताछ” बताया.

केंद्रीय ग्रह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के गाँव बनवीरपुर से महज़ 4 किलोमीटर की दूरी पर इस शांतिपूर्वक कार्यक्रम का आयोजन हुआ.

इस मंच से राकेश टिकैत ने कहा कि, “जब तक मंत्री अजय मिश्र की बर्ख़ास्तगी और साज़िश के मामले में गिरफ़्तारी नहीं होगी, तब तक किसानों का यह आंदोलन जारी रहेगा”.

चारों किसानों और पत्रकार के परिवारवालों का मंच पर सम्मान किया गया. यह भी कहा गया कि उनकी अस्थियों को कई कलशों में रख कर उत्तर प्रदेश के हर ज़िले में ले ज़ाया जाएगा.


अंतिम अरदास में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी भी पहुँची. उन्होंने गुरु ग्रंथ साहब के सामने मत्था टेका और मंच के नीचे बैठी रहीं.

उन्होंने कोई भी बयान नहीं दिया और मृतकों के परिवार वालों को सम्मान देकर चली गईं.

तिकुनियाँ में किसानों के अंतिम अरदास में संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से मंच का संचालन कर रहे प्रोफेसर दर्शनपाल ने एलान किया कि सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी दिल्ली की ओर से यहां मरे किसानों के लिए एक ‘शहीद स्मारक बनाया जाएगा

अनंत झणाणे

बीबीसी हिंदी के लिए, लखीमपुर खीरी से

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