देश

#हाँ_हम_निक्करधारी : विश्व का सबसे कुख्यात आतंकी विचार!

इस धरती पर सबसे बड़ी ताकत अगर कोई है तो वो है सत्ता की ताकत, भारत में 2014 से आरएसएस के राजनैतिक संगठन बीजेपी की सत्ता है, कई राज्यों में भी बीजेपी की सत्ता मौजूद है, देश की सभी संस्थाओं पर आरएसएस का कब्ज़ा है, ऐसे में आरएसएस, बीजेपी और इन के समर्थक संगठनों से जुड़े लोगों के पॉंव ज़मीन पर नहीं हैं, इनके होंसले सातवें आसमान पर हैं, इनको अपने लोगों के आलावा बाक़ी सभी धर्मों, समाजों, वर्गों लोग इंसान ही नज़र नहीं आते हैं, इनकी नज़र और एजेंडे के अनुसार इनके अपनी विचारधारा के लोगों के आलावा बाक़ी लोग विशेष कर मुस्लिम समाज के लोग दुश्मन नज़र आते हैं, आरएसएस लम्बे समय से भारत में मुस्लिम विरोधी एजेंडे पर काम कर रही है, अपने इसी एजेंडे के अनुसार इनके लोग मुसलमानों को बढनाम करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, ये लोग देश में मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं

ऋषि राजपूत
@srishirajIND
RSS made for the protection of Hindu political, cultural, and religious interests.


Mugesh
@Mugesh01757000

The Rename Of Morality Is RSS!

Vande Mataram

ललित हिन्दू
@Lalitc_official
RSS is a very powerful Machinery
Who built Nation…

#शाखा_से_राष्ट्रनिर्माण
@Real_suyash_69

#अखंड_हिन्दू_राष्ट्र
#हाँ_हम_निक्करधारी

ऋषि राजपूत
@srishirajIND
The ideal of the RSS is to carry the nation to the pinnacle of glory, through organising the entire society and ensuring protection of ‘Hindu Dharma’.

#हाँ_हम_निक्करधारी

Rekha Humble
@HumbleRekha
#हाँ_हम_निक्करधारी
RSS is the single nationalist organization always ready to serve the people without any discrimination

Bharat Tyagi
@TyagiBharatOM

BJP enacted 3 agricultural laws, due to which Hindus were prevented from organizing Ramlila in Punjab. This means that Hindu means BJP and BJP means Hindu.
Look carefully at this tweet, this trend and this picture and think.
#हाँ_हम_निक्करधारी

Wasim Akram Tyagi
@WasimAkramTyagi
नवरात्रे चल रहे हैं, और सावरकर को ‘वीर’ साबित करने के लिए चौबीसो घंटों तक ह्वाटसप ‘विषद्यालय’ में पढने वाले ‘ज़हरजीवी’ नवरात्रों में गोश्त की दुकानें बंद कराते फिर रहे हैं। जबकि सावरकर ने गांधी जी का मज़ाक उड़ाते हुए कहा था कोई कैसे बिना गोश्त खाए अंग्रेजों को चुनौती दे सकता है?

Aadesh Rawal
@AadeshRawal
सावरकर 1915 से पहले ही दो बार माफ़ीनामा दे चुके थे और 1915 में गांधी जी साउथ अफ़्रीका से भारत लौटे थे। यह समझना बहुत दिलचस्प है कि उस दौर में सावरकर और गांधी की बात कैसे हुई होगी !!

Ashraf Hussain
@AshrafFem
राजनाथ सिंह जी का कहना है कि महात्मा गांधी के कहने पर सावरकर ने अंग्रेजों के सामने दया याचिका दाखिल की थी।
6 बार माफी मांगकर जेल से छूटने के बाद अंग्रेजी हुकूमत का वजीफा पाने वाले सावरकर ने दर्जनों किताबें लिखीं लेकिन उन में कभी गाँधी जी से हुई इन बातों का जिक्र क्यों नहीं किया

 

Pinki Chaubey
@pinkechaubey
व्हाट्सप मैटेरियल को पढ़ते-पढ़ते श्री राजनाथ सिंह जी ने कम से कम इस बात को तो स्वीकार किया कि सावरकर “वीर” नहीं बल्कि “माफीवीर” था। इसके पहले तक सावरकर को “माफीवीर” कहने पर भाजपाई खाम-खां भड़क जाते थे।

डिस्क्लेमर : twitts में व्यक्त किए गए विचार, जानकारियां लेखक के निजी विचार हैं. लेख सोशल मीडिया फेसबुक/व्हाट्सप्प पर वायरल है, इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति तीसरी जंग हिंदी उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार तीसरी जंग हिंदी के नहीं हैं, तथा तीसरी जंग हिंदी उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *