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#नगालैंड में हालात बिगड़े : आम नागरिकों को आतंकी समझकर सेना ने भूना, विपक्ष ने मांगा गृहमंत्री का इस्तीफ़ा!रिपोर्ट!

भारत के पूर्वोत्तरी राज्य नगालैंड में हालात बिगड़ गए हैं। शनिवार रात सुरक्षाबलों की कार्रवाई में दर्जन भर से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की ख़बर के बाद रविवार रात प्रदेश में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हुए जबकि लोगों ने राजधानी कोहिमा समेत कई जगह मोमबत्तियां जलाकर शांति मार्च निकाले।

नगालैंड के मोन ज़िले के तिरु इलाक़े में शनिवार रात सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है।

शनिवार रात गश्त लगा रही सेना की एक टुकड़ी ने काम ख़त्म कर घर लौट रहे लोगों पर लोगों पर गोलियां चलाईं, इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई। इसके बाद इस घटना से नाराज़ स्थानीय लोगों की सेना के साथ झड़प हुई जिसमें सात और आम नागरिकों और सेना के एक जवान की मौत हो गई।

ख़बर है कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है। नगालैंड के चीफ़ सेक्रेटरी ने बताया है कि यह समिति एक एडीजीपी संदीप तामगाडगे की देखरेख में इस मामले की जांच करेगी और एक महीने के अंदर अपनी जांच पूरी करेगी।

सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जाँच की जाएगी। आर्मी ने कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी का आदेश दिया है।

घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने मोन में मौजूद असम राइफ़ल्स के पोस्ट पर हमला किया। सेना के बयान में कहा गया है कि घटना के बाद क़रीब 300 लोगों की भीड़ ने मोन में असम राइफ़ल्स की पोस्ट पर हमला किया, असम राइफ़ल्स के जवानों ने संयम बरतते हुए भीड़ को तितरबितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं।

असम राइफ़ल्स ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि हालात और न बिगड़ें इसके लिए लोगों को धैर्य बनाए रखना होगा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को नगालैंड के मोन ज़िले में उग्रवादियों के ख़िलाफ़ चलाए गए अभियान में आम लोगों की मौत होने पर केंद्र सरकार को घेरा है।

राहुल गांधी ने ट्वीट करके सवाल उठाया है कि ये हृदय विदारक घटना है. सरकार को सही मायनों में इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि जब अपनी ही ज़मीन पर आम लोगों के साथ – साथ सुरक्षाकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं तो गृह मंत्रालय क्या कर रहा है।

इसके साथ ही टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि नगालैंड से चिंताजनक ख़बर आ रही है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं। हमें घटना की गहन जांच सुनिश्चित करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी पीड़ितों को न्याय मिले।

एआईएमआईएम नेता असदउद्दीन ओवैसी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है और कहा है कि गृह मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाना चाहिए।

इस घटना पर देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट करके दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय एसआईटी टीम का गठन कर दिया गया है जो शोकाकुल परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी।

Rohan Gupta
@rohanrgupta
नागालैंड त्रस्त, गृह मंत्री प्रचार में व्यस्त

Aditya Bhagat
@adityabhagatcg
·
12h
Nagaland is burning!
What else would it take for the home minister to come back to his senses?


#BREAKING | नागालैंड पुलिस ने 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज के खिलाफ FIR दर्ज की

साहिल खान मेवाती
@SAHILKHANMEV
Stop killing the tribals of Nagaland. #नागालैंड_आदिवासी_नरसंहार

Indian_2601
@2601Indian
·
2h
#नागालैंड_आदिवासी_नरसंहार
For Nagaland least it is being said wrong.
If there was in Kashmir, that has been prove the dead as terrorists. Stories go on WhatsApp.
Most people would remain silent.
Well now it should be understood that how important it is to remove AFSPA

Y S Sheoran
@YS_Sheoran
·
Nov 30
देखो अपना देश।।
#नागालैंड
#Hornbill festival – one of the best annual event where we can find lot’s of unseen and unheard #cultural rich programs of various #Indigenous #tribes.

Sandeep Choudhary (Parody)
@SChoudharyNews
नागालैंड जल रहा है
लेकिन देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री रैली में व्यस्त है।

Ashok Kumar Pandey अशोक اشوک
@Ashok_Kashmir

नागालैंड था तो कम से कम ग़लत कहा जा रहा है।

कश्मीर होता तो मृतकों को आतंकवादी सिद्ध कर दिया जाता। WhatsApp पर क़िस्से चल जाते। ज़्यादातर लोग चुप रह जाते।

ख़ैर अब समझना चाहिए कि AFSPA हटाना कितना ज़रूरी है।

MSK Lucknow
@LucknowMsk
नार्थ ईस्ट/कश्मीर में केंद्रीय सुरक्षा बलों को
AFSPA जैसे क्रूर क़ानून से लैस करना आम/मासूम नागरिकों के जीवन के लिए कितना थ्रेट हैं,ये परसों नागालैंड में 14 नागरिकों की हत्या से साफ है,ऐसा ही आये दिन कश्मीर में होता है।
ये भारत को कमजोर कर रहा।

सभी को अस्सलाम ओ अलैकुम, राम राम

 

 

 

SHIVANI VERMA
@ShivaniV2901

नागालैंड में सुरक्षा बलों के आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में ग़लत पहचान की वजह से फ़ायरिंग में 13 बेगुनाह नागरिक मारे जा चुके हैं। जिसके बाद नागालैंड में हिंसा भड़की हुई है। ख़बर मीडिया से ग़ायब है…!!!

Rohan Gupta
@rohanrgupta
◆ जम्मू-कश्मीर
◆ असम-मिजोरम

के बाद अब हिंसा और नफरत नागालैंड पहुंच चुकी है।

बहुत हो चुका, अब भारत जलाओ पार्टी की नफरतजीवी विचारधारा से देश बचाना होगा।

Imran Pratapgarhi
@ShayarImran
एक ही समय की दो तस्वीरें।

एक नागालैंड से एक राजस्थान से

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