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पैगंबर मोहम्मद साहब पर नूपुर शर्मा की अभद्र टिप्पणी को लेकर इस्लामी देशों द्वारा नाराज़गी के बाद मोदी UAE पहुंचे : संयुक्त अरब अमीरात में कौन कौन से अमीरात हैं?

 

 

पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर इस्लामी देशों द्वारा नाराजगी व्यक्त करने के हफ्तों बाद प्रधानमंत्री मोदी यूएई पहुंचे और वहां के राष्ट्रपति से मुलाकात की. यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.

जर्मनी में जी-7 देशों की बैठक में अतिथि के रूप में हिस्सा लेने के बाद मोदी भारत लौटने से पहले यूएई पहुंचे. उनकी यात्रा को हाल ही में पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कुछ ही हफ्तों पहले बीजेपी की तत्कालीन प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के विरोध में यूएई समेत कई इस्लामी देशों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी.

सात जून को यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में “पैगंबर के अपमान की निंदा” की थी और “धार्मिक प्रतीकों का आदर करने, उनका निरादर ना करने और नफरती भाषण और हिंसा का मुकाबला करने की जरूरत को रेखांकित किया था.” भारत में उस विवाद का असर अभी तक जारी है.

मोदी के यूएई पहुंचने पर यूएई के राष्ट्रपति और अबू धाबी के राजा शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान शाही परिवार के कुछ और सदस्यों के साथ उन्हें लेने हवाई अड्डे पर पहुंचे. इसे एक विशेष भाव बताते हुए, मोदी ने इस बारे में ट्वीट भी किया. दोनों नेता इससे पहले अगस्त 2019 में मिले थे जब मोदी अबू धाबी गए थे.

मोहम्मद बिन जायेद पिछले महीने ही उनके सहोदर भाई शेख खलीफा की मौत के बाद यूएई के राष्ट्रपति बने थे. मोदी ने मोहम्मद बिन जायेद से मिल कर शेख खलीफा की मौत पर अपनी संवेदना भी व्यक्त की.

दोनों की मुलाकात के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों ने “भारत-यूएई व्यापक सामरिक साझेदारी के विभिन्न आयामों की समीक्षा की.”

दोनों नेताओं ने 18 फरवरी को एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जो एक मई से लागू हो चुका है. उम्मीद की जा रही है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को और बढ़ावा मिलेगा.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और भारतीय निर्यात का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है. वित्त वर्ष 2021-22 में दोनों देशों के बीच करीब 72 अरब डॉलर मूल्य का व्यापार हुआ.

संयुक्त अरब अमीरात में कौन कौन से अमीरात हैं?
सात अमीरात से बना देश
अमीरात अरबी भाषा का शब्द है. इसका मतलब रियासत या राज्य होता है. अमीरात के राजा को अमीर कहा जाता है. इन अमीरातों में अरबी भाषा बोली जाती है. संयुक्त अरब अमीरात में सात अमीरात हैं. इन अमीरातों में अलग अलग अमीर होते हैं. सब अमीरात को मिलाकर एक राष्ट्रपति होता है.

1971 में मिली आजादी
1971 तक इन अमीरातों पर अंग्रेजों का राज था. दिसंबर 1971 में अमीरातों को अंग्रेजों से आजादी मिली. तब छह अमीरातों ने एक होकर नया देश बनाया. एक अमीरात रास अल खइमाह 1972 में संयुक्त अरब अमीरात में शामिल हुआ. यूएई अरब देशों में सबसे उदारवादी देश माना जाता है.

सातों अमीर बनाते हैं सरकार
सातों अमीर मिलकर एक काउंसिल बनाते हैं जो प्रधानमंत्री की नियुक्ति करती है. प्रधानमंत्री ही उपराष्ट्रपति भी होता है. फिलहाल यूएई के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन राशिद अल मकदूम हैं. अबू धाबी के अमीर खलीफा बिन जायद अल नह्यान यूएई के राष्ट्रपति हैं.

सबसे ज्यादा भारतीय
अगर समुदायों की बात करें तो यूएई में सबसे ज्यादा भारतीय रहते हैं. वहां 27.8 प्रतिशत भारतीय, 12 प्रतिशत अमीराती, 10.2 प्रतिशत पाकिस्तानी, 9.5 प्रतिशत बांग्लादेशी, 6.1 प्रतिशत फिलिपीनी, 4.76 प्रतिशत ईरानी, 4.23 प्रतिशत मिस्र के लोग, 2.2 प्रतिशत चीनी और करीब 14.1 प्रतिशत दूसरे देशों के रहने वाले हैं.

दुबई
इन अमीरातों में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला अमीरात दुबई है. दुबई की जनसंख्या करीब 42 लाख है. दुबई के अमीर का नाम शेख मोहम्मद है. दुबई का क्षेत्रफल 3,885 वर्ग किलोमीटर है.

अबू धाबी
अबू धाबी क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा अमीरात है. इसका क्षेत्रफल 67,340 वर्ग किलोमीटर है. अबू धाबी की जनसंख्या करीब 28 लाख है. यहां के अमीर शेख खलीफा है.

शारजाह
तीसरा सबसे बड़ा अमीरात शारजाह है. शारजाह का क्षेत्रफल 2,590 वर्ग किलोमीटर और जनसंख्या करीब 24 लाख है. यहां के अमीर शेख सुल्तान हैं

अजमान
जनसंख्या के आधार पर चौथा सबसे बड़ा अमीरात अजमान है. अजमान की जनसंख्या करीब पांच लाख और क्षेत्रफल 259 वर्ग किलोमीटर है. यहां के अमीर शेख हुमैद हैं.

रास अल खइमाह
जनसंख्या में पांचवा सबसे बड़ा अमीरात रास अल खइमाह है. यहां करीब चार लाख लोग रहते हैं. इसका क्षेत्रफल 1,684 वर्ग किलोमीटर है. इसके अमीर शेख सऊद हैं.

फुजैराह
छठा बड़ा अमीरात है फुजैराह. इसमें करीब डेढ़ लाख लोग रहते हैं. इसका क्षेत्रफल 1,165 वर्ग किलोमीटर है. यहां के अमीर शेख हमद हैं.

उम अल कुवैन
सबसे छोटा अमीरात उम अल कुवैन है. यहां करीब 72 हजार लोग रहते हैं. यहां का क्षेत्रफल 777 वर्ग किलोमीटर है. यहां के अमीर का नाम शेख सऊद है.