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प्रतिबंध लगाकर यूरोप ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है : रूसी राष्ट्रपति के कड़े आलोचक मीखाईल ख़ुदोरकोफ्सकी

 

रूसी राष्ट्रपति के कड़े आलोचक मीखाईल ख़ुदोरकोफ्सकी इस देश पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का विरोध करते हैं। वे कहते हैं कि रूस पर प्रतिबंधल लगाकर यूरोप अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा है।

उन्होंने कहा कि रूस के ख़िलाफ तेल के प्रतिबंध लगाकर पश्चिम अपना ही नुक़सान कर रहा है।

रूस के तेल की दिग्गज कंपनी यूकोसो के पूर्व प्रमुख ने कहा कि माॅस्को पर प्रतिबंध लगाकर यूरोप ने बहुत बड़ी ग़लती की है। वे कहते हैं कि पश्चिम के इस काम से क्रैमलिन के ख़ज़ाने ख़त्म होने के बजाए यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों की आर्थिक स्थति ख़राब हो जाएगी।

ब्रसल्ज़ की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे मीखाईल ख़ुदोरकोफ्सकी ने एक साक्षात्कार में कहा कि रूस पर प्रतिबंध लगाने से पहले यूरोप को इसके बारे मे विकल्पों पर अच्छी तरह से चिंतन-मनन कर लेना चाहिए था। रूस के यूरोपीय देशों के लिए गैस की सप्लाई में कमी आने के बाद यूरोप में सोमवार को गैस के मूल्यों में 5.27 प्रतिशत की वृद्धि हो गई। यूरोप के कई देश रूसी गैस के विकल्प की तलाश में हैं।

रूस की गैस कंपनी प्रोमगैस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि “नोर्ड स्ट्रेम” प्राकृतिक गैस पाइप लाइन के माध्यम से गैस की आपूर्ति में प्रतिदिन 67 मिलयन क्यूबिक मीटर की कटौती हो सकती है। इससे पहले तक इस गैस पाइप लाइन से गैस ट्रांसमीशिन की सीमा 167 मिलयन क्यूबिक मीटर थी।

रूसी राष्ट्रपति विलादिमीर पुतीन के प्रबल आलोचक मीखाईल ख़ुदोरकोफ्सकी के अतिरिक्त कई अन्य रूसी अधिकारी भी यह बात कह चुके हैं। विशेष बात यह है कि कई यूरोपीय नेता भी इस बात को सार्वजनिक रूप में स्वीकार कर चुके हैं कि यूरोपीय देशों द्वारा रूस के विरुद्ध लगाए गए प्रतिबंधों का मुख्य नुक़सान यूरोप के देशों को ही होगा।

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