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ये ”हमारे” बच्चे हैं,,,,नहीं, सरकार की नीतियों को समझाना जनप्रतिनिधियों का काम है, प्रशासनिक अधिकारियों का नहीं, प्रशासन की नपुंसकता से भविष्य के लिये गलत संदेश जाता है : पूर्व IPS डॉ.एन.सी.अस्थाना

ये ”हमारे” बच्चे हैं, वो ”तुम्हारे” बच्चे थे,,,हम-तुम दुश्मन-दुश्मन,,,ये दुश्मनी ”इनके” दिमाग़ों में पल रही है,,,इनके ख़ून में समा गयी है,,,,ये ”कपड़ों/दाढ़ी/टोपी” वालों को अपना दुश्मन समझते हैं

बीते शुक्रवार को रसूल अल्लाह के सम्बन्ध में बीजेपी नेताओं की अमर्यादित टिप्णियों को लेकर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में प्रदर्शन हुए थे, जिनमे पत्थरबाज़ी, आगज़नी भी हुई थी, उसके बाद प्रशासन ने कई लोगों के घरों पर बुलडोज़र चला दिया था, तब कहा गया था कि जो भी उपद्रवी हैं उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी, और उन उपद्रव करने वालों के घरों को ढा दिया जायेगा, अग्निवीरों ने जो उपद्रव किये हैं उनके बाद सोशल मीडिया में लोग सवाल कर रहे हैं क्या इनके खिलाफ भी वैसी ही कार्यवाही होगी जैसी मुसलमानों के खिलाफ होती आयी है

Dr. N. C. Asthana, IPS (Retd)
@NcAsthana

नहीं, सरकार की नीतियों को समझाना जनप्रतिनिधियों का काम है, प्रशासनिक अधिकारियों का नहीं। प्रशासन का काम कानून व्यवस्था बनाये रखना है। करोड़ों की राष्ट्रीय संपत्ति रेलें जलाये जाने पर गोली नहीं मारी जायेगी तो कब मारी जायेगी? प्रशासन की नपुंसकता से भविष्य के लिये गलत संदेश जाता है।

Kavish Aziz
@azizkavish
Adg law and order प्रशांत कुमार कह रहे हैं जुमे की नमाज़ के बाद कहीं कोई अप्रिय घटना नही हुई
कुछ जनपदों में अग्नि वीरों के प्रदर्शन में कुछ जनपदों में “छिटपुट घटनाएं” हुई है
ट्रेन जलाना, चौकी में आग लगाना, गाड़ी तोड़ना, पत्थर फेंकना, लाठी डंडा लेकर दौड़ाना यह सब “छिटपुट घटना” है

Rahul Gandhi
@RahulGandhi
अग्निपथ – नौजवानों ने नकारा

कृषि कानून – किसानों ने नकारा

नोटबंदी – अर्थशास्त्रियों ने नकारा

GST – व्यापारियों ने नकारा

देश की जनता क्या चाहती है, ये बात प्रधानमंत्री नहीं समझते क्यूंकि उन्हें अपने ‘मित्रों’ की आवाज़ के अलावा कुछ सुनाई नहीं देता।

Prof.shiv shankar
@ShivSha80732190
मोदी जी इस बार मुट्ठी भर नही,मुट्ठा भर है।
तपस्या में कमी रह गयी है।अब आंदोलन जीवी,मैं भी चौकीदार के तरह मैं भी अग्निवीर कहिये।

श्रेया सिंह चौहान 💖
@Shreya__111
#जिये_तो_जिये_कैसे
विफल हुई सारी कोशिश अब
मैं हारी, निष्ठुरता से जीती,

अरे न पूछो, कह न सकूँगी
तुमसे भी मैं अपनी बीती..!!

सिंधु-प्रेयसी सरिता से तुम
जाकर पूछो मेरा हाल,

जिसे मिलन-पथ पर रोका हो
कहीं किसी ने बाधा डाल..!!

#काव्योदय

Narendra nath mishra
@iamnarendranath
इसीलिए देश में हमेशा गांधी का हमेशा ज़िंदा रहना ज़रूरी है। गांधी व्यक्ति नहीं,विचार हैं। हम जितना गांधी को खुद से दूर करेंगे,समाज उतना टकराव भरा होगा। गांधी विचार हैं। गांधी संवाद हैं। गांधी पुल हैं,दो पक्षों के बीच बात करने के लिए

MP Congress
@INCMP

बीजेपी में सरफुटव्वल जारी,
— कार्यकर्ताओं ने टिकट बेचने और परिवारवाद का लगाया आरोप, चुनाव में बीजेपी की करारी हार निश्चित।

शिवराज जी,
इस बार अपने ही कार्यकर्ताओं को मार रहे हो ❓

बीजेपी में मारकाट और शोर,
कांग्रेस बढ़ रही जीत की ओर।

डिस्क्लेमर : ट्वीट्स में व्यक्त विचार लोगों के अपने निजी विचार हैं, इनसे तीसरी जंग हिंदी का कोई सरोकार नहीं है