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Supreme Court : झारखंड सरकार की तत्काल सुनवाई की गुहार, सीएम सोरेन के खिलाफ जांच का मामला

 

झारखंड हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर आगे सुनवाई का निर्णय लिया है। इस निर्णय के खिलाफ झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई है।

झारखंड सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि वह राज्य में फर्जी कंपनियों को खदानों की लीज के मामले में दायर जनहित याचिका को चुनौती देने वाली उसकी अर्जी पर तत्काल सुनवाई करे। जनहित याचिका में इस मामले से सीएम हेमंत सोरेन व उनके परिजनों के जुड़े होने का आरोप लगाया गया है और उनके खिलाफ जांच की मांग की गई है।

झारखंड हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर आगे सुनवाई का निर्णय लिया है। इस निर्णय के खिलाफ झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई है। यह मामला कुछ फर्जी कंपनियों को खदानों की लीज से जुड़ा है। इन कंपनियों से कथित तौर पर सीएम सोरेन के परिवार के सदस्य और सहयोगी जुड़े हैं। जनहित याचिका में इनके लेनदेन की भी जांच की मांग की गई है।

झारखंड हाईकोर्ट ने 3 जून को कहा था कि उसकी राय है कि यह मामला आगे सुनवाई के योग्य है। इस पर आगे सुनवाई की जाएगी। हाईकोर्ट इस पर 17 जून को सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता अरुणाभ चौधरी से कहा कि वे रजिस्ट्रार को याचिका का ब्योरा दें, ताकि इसकी लिस्टिंग के बारे में प्रधान न्यायाधीश की पीठ से आदेश लिया जा सके। जब चौधरी ने पीठ को बताया कि शीर्ष अदालत में याचिका दायर करने की सूचना दिए जाने के बावजूद हाईकोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए 17 जून के लिए सूचीबद्ध किया है, तो पीठ ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को बताएं।

चुनाव आयोग ने दिया सोरेन को अंतिम अवसर
उधर, चुनाव आयोग ने झारखंड के मुख्यमंत्री सोरेन के अनुरोध पर मामले की सुनवाई आज सशर्त स्थगित कर दी। उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अंतिम अवसर दिया। आयोग ने कहा कि इसमें विफल रहने पर 28 जून की सुनवाई से पहले उनके द्वारा दायर लिखित दस्तावेजों के आधार पर मामले की आगे सुनवाई की जाएगी।