उत्तर प्रदेश राज्य

जल क्रांति लाने वाली महिलाओं की कहानी : बुंदेलखंड की इन महिलाओं ने वह काम किया है जो सरकार नहीं कर पाई है

बुंदेलखंड के सूखे इलाके में एक हजार महिलाओं ने जल क्रांति लाने की तैयारी कर ली है. जल सहेलियों का यह समूह तीन साल की मेहनत का फल है.


चमत्कारी जल सहेली
बुंदेलखंड के कई गांवों में काम कर रहीं इन महिलाओं को जल सहेली कहते हैं. इन महिलाओं ने इलाके की तस्वीर बदलने का बीड़ा उठा रखा है.

सूखे स्रोतों को जिंदा करने की कोशिश
जगह-जगह समूहों में काम करने वाली ये महिलाएं सूख चुके जल स्रोतों को फिर से जिंदा करने की कोशिश कर रही हैं.


अपने हाथों से काम
इन महिलाओं ने अपने हाथों से कई पक्के बांध और तालाब बनाए हैं ताकि मानसून के दौरान होने वाली बारिश के पानी को जमा किया जा सके.

300 गांवों में सक्रिय
कम से कम 300 गांवों में इन जल सहेलियों ने मिलकर काम किया है जिसका असर नजर भी आया है. कई गांव ऐसे हैं जहां पानी पूरी तरह खत्म हो चुका था लेकिन अब वहां पानी उपलब्ध हो गया है.

अगरोथा की सफल कहानी
अगरोथा एक ऐसा गांव है जहां छह सूखे तालाबों को पुनर्जीवित किया जा चुका है और गांव के लोग अब उस सूखे से पीड़ित नहीं हैं जिससे इलाके के हजारों लोग जूझ रहे हैं.

सरकार से बेहतर
इन महिलाओं को ट्रेनिंग देने का काम करने वाले समाजसेवी संजय सिंह कहते हैं कि इन महिलाओं ने वह काम किया है जो सरकार नहीं कर पाई है.