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इतिहास गवाह है, ‘हर घर तिरंगा’ मुहिम चलाने वाले, उस देशद्रोही संगठन से निकले हैं, जिन्होंने 52 सालों तक तिरंगा नहीं फहराया : राहुल गाँधी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर अमल न करने के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहा है. दरअसल पिछले दिनों पीएम मोदी ने आज़ादी के अमृत उत्सव के दौरान सोशल मीडिया डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) को तिरंगे के रूप में बदलने की अपील की थी.

ख़ुद पीएम मोदी ने भी ऐसा ही किया और बीजेपी के नेता और मंत्री भी ये कर रहे हैं. लेकिन आरएसएस और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का डीपी नहीं बदला है. इसी को लेकर वे विपक्ष ख़ासकर कांग्रेस के निशाने पर हैं.

अब आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने वीडियो संदेश जारी करके अपना पक्ष सामने रखा है.

उन्होंने कहा है- स्वाधीनता का अमृत उत्सव पूरे देश का है और पूरे देश को मिलकर ये मनाना है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पिछले महीने ही नौ जुलाई को एक प्रेस वार्ता में ये घोषित किया था कि इस आज़ादी के अमृत महोत्सव के लिए भारत सरकार के द्वारा या राज्य सरकारों के द्वारा जो भी कार्यक्रम होंगे, अन्य संगठनों के द्वारा या स्वयंसेवकों द्वारा जो संगठन चलाते हैं, उनके माध्यम से ऐसे जितने भी कार्यक्रम होंगे, उन सबको संघ ने अपना समर्थन घोषित किया है और सभी स्वयंसेवकों का आह्वान किया है कि ऐसे सभी अभियानों और कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें.

सुनील आंबेकर ने आगे कहा- ऐसा लगता है कि आज़ादी के अमृत महोत्सव के बारे में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. सभी लोगों को ऐसी राजनीति छोड़कर सबको उसको मनाने में ही पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए. लेकिन कांग्रेस ने इस मामले पर आरएसएस को घेरना जारी रखा है. बुधवार को कांग्रेस के प्रवक्ता जयराम रमेश के साथ-साथ कई नेताओं ने आरएसएस पर सवाल उठाए.

बुधवार को कर्नाटक में मौजूद राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर लिखा- कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग के सभी साथियों से मिलकर बहुत खुशी हुई. इतिहास गवाह है, ‘हर घर तिरंगा’ मुहिम चलाने वाले, उस देशद्रोही संगठन से निकले हैं, जिन्होंने 52 सालों तक तिरंगा नहीं फहराया. आज़ादी की लड़ाई से, ये कांग्रेस पार्टी को तब भी नहीं रोक पाए और आज भी नहीं रोक पाएंगे. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी आरएसएस के ट्विटर अकाउंट का स्क्रीनशॉट शेयर करके तंज़ किया है.

एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी ट्वीट पर तिरंगा को लेकर आरएसएस के रुख़ पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आरएसएस उनका फ़ाउंडेशन है और देश के लिए जीने की प्रेरणा है. वे हमसे कह रहे हैं कि अपना डीपी तिरंगा बनाएँ और रैलियाँ निकालें. लेकिन आरएसएस ने आज़ाद भारत का विरोध किया था. आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गनाइज़र ने इस विचार का प्रदर्शित करते हुए मांग की थी कि भगवा झंडा राष्ट्रीय ध्वज होना चाहिए.

ओवैसी ने आज़ादी के आंदोलन में आरएसएस की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि आरएसएस की इसमें कोई भूमिका नहीं थी.

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