साहित्य

*कौन सा पति ख़रीदूँ…?**“पति ख़रीदने के लिए निम्न शर्ते लागू”*

डॉ मिथिलेश गौतम केकड़ी
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*कौन सा पति खरीदूँ…?*
शहर के बाज़ार में एक बड़ी दुकान खुली जिस पर लिखा था – *“यहाँ आप पतियों को ख़रीद सकती है |”*
देखते ही देखते औरतों का एक हुजूम वहां जमा होने लगा. सभी दुकान में दाख़िल होने के लिए बेचैन थी, लंबी क़तारें लग गयी.दुकान के मैन गेट पर लिखा था –
*“पति ख़रीदने के लिए निम्न शर्ते लागू”* 👇👇👇
✡ *इस दुकान में कोई भी औरत सिर्फ एक बार ही दाख़िल हो सकती है, आधार कार्ड लाना आवश्यक है …*
✡ *दुकान की 6 मंज़िले है, और प्रत्येक मंजिल पर पतियों के प्रकार के बारे में लिखा है….*
✡ *ख़रीदार औरत किसी भी मंजिल से अपना पति चुन सकती है….*
✡ *लेकिन एक बार ऊपर जाने के बाद दोबारा नीचे नहीं आ सकती, सिवाय बाहर जाने के…*

एक खुबसूरत लड़की को दूकान में दाख़िल होने का मौक़ा मिला…*पहली मंजिल* के दरवाज़े पर लिखा था – *“इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है और नेक है.”*लड़की आगे बढ़ी ..दूसरी मंजिल*

पर लिखा था – *“इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है, नेक है और बच्चों को पसंद करते है.”*लड़की फिर आगे बढ़ी …*तीसरी मंजिल* के दरवाजे पर लिखा था – *“इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है, नेक है और खुबसूरत भी है.”*यह पढ़कर लड़की कुछ देर के लिए रुक गयी मगर यह सोचकर कि चलो ऊपर की मंजिल पर भी जाकर देखते है, वह आगे बढ़ी…*चौथी मंजिल* के दरवाज़े पर लिखा था – *“इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है, नेक है, खुबसूरत भी है और घर के कामों में मदद भी करते है.”*

यह पढ़कर लड़की को चक्कर आने लगे और सोचने लगी *“क्या ऐसे पति अब भी इस दुनिया में होते है ?*

यहीं से एक पति ख़रीद लेती हूँ…लेकिन दिल ना माना तो एक और मंजिल ऊपर चली गयी…

*पांचवीं मंजिल* पर लिखा था – *“इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है , नेक है और खुबसूरत है , घर के कामों में मदद करते है और अपनी बीबियों से प्यार करते है.”*

अब इसकी अक़ल जवाब देने लगी वो सोचने लगी *इससे बेहतर और भला क्या हो सकता है ?* मगर फिर भी उसका दिल नहीं माना और आखरी मंजिल की तरफ क़दम बढाने लगी…

*आखरी मंजिल*
के दरवाज़े पर लिखा था – *“आप इस मंजिल पर आने वाली 3339 वीं औरत है , इस मंजिल पर कोई भी पति नहीं है , ये मंजिल सिर्फ इसलिए बनाई गयी है ताकि इस बात का सबूत सुप्रीम कोर्ट को दिया जा सके कि महिलाओं को पूर्णत संतुष्ट करना नामुमकिन है.*
हमारे स्टोर पर आने का धन्यवाद ! बांयी ओर 8सीढियाँ है जो बाहर की तरफ जाती है !!

🙏🙏 *सांराश – आज समाज की सभी कन्याओं और वर पक्ष के माता पिता यह सब कर रहे है एवं ‘अच्छा’ और “अच्छा” … के चक्कर में शादी की सही उम्र तो खत्म ही हो रही है.*

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