दुनिया

भावुक होकर सैयद हसन नसरुल्लाह ने आयतुल्लाह ख़ामेनेई से कहा आपका शुक्रिया!

हिज़्बुल्लाह लेबनान की स्थापना को 40 साल पूरे होने पर राजधानी बैरूत के दक्षिणी ज़ाहिया नामक इलाक़े में फ़तह का राज़ नाम से भव्यशाली कार्यक्रम का आयोजन किया गया।.

…लेबनानी लड़की ने इस अवसर पर कहा कि हम सैयद हसन नसरुल्लाह से यह कहना चाहते हैं कि हम हिज़्बुल्लाह और शहीदों के रास्ते पर बड़ी मज़बूती से डटे रहेंगे।…..इस समारोह को संबोधित करते हुए हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने सन 2000 में दक्षिणी लेबनान की इस्राईली क़ब्ज़े से आज़ादी और 2006 में तैंतीस दिवसीय युद्ध में इस्राईल पर हिज़्बुल्लाह की विजय को ग्रेटर इस्राईल और नवीन मध्यपूर्व जैसी ज़ायोनी साज़िशों की नाकामी की बुनियादी वजह बताया।…. उन्होंने कहा कि 2000 में मिलने वाली सफलता ने ग्रेटर इस्राईल की योजना को ख़त्म कर दिया और फ़िलिस्तीनी रेज़िस्टेंस में नई जान डाल दी और इस भ्रम को भी दूर कर दिया कि इस्राईल को शिकस्त नहीं दी जा सकती। 33 दिवसीय युद्ध ने न्यू मिडिल ईस्ट नाम की अमरीकी व इस्राईली योजना को ध्वस्त कर दिया। सैयद हसन नसरुल्लाह का कहना था कि रेज़िस्टेंस की सोच को जन्म देने वाले इमाम ख़ुमैनी थे और इमाम ख़ामेनेई इस मिशन को बख़ूबी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि……मैं आपकी नुमाइंदगी करते हुए अपने नेता, अपने मरजए तक़लीद और अपने इमाम का आभार व्यक्त करना चाहूंगा जिन्होंने शुरू से, इमाम ख़ुमैनी की ज़िंदगी में भी हमारा भरपूर साथ दिया। आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने हमेशा हिज़्बुल्ला पर ख़ास तवज्जो दी। हमें उनका आभार व्यक्त करना चाहिए। इन चालीस वर्षों में, दस साल इमाम ख़ुमैनी के जीवन में और 30 साल इस्लामी इंक़ेलाब के नेता के रूप में ज़िम्मेदारी संभालने के दौरान उन्होंने कभी ही हमें फ़रामोश नहीं किया। इसी तरह पासदाराने इंक़ेलाब फ़ोर्स में हम अपने दोस्तों का आभार व्यक्त करना चाहेंगे। सैयद हसन नसरुल्लाह ने फ़िलिस्तीन के भरपूर समर्थन और इस्राईल से रिश्ते बहाल करने के रुजहान के विरोध पर ज़ोर देते हुए कहा कि हमारी उम्मीद शिरबिल अबू ज़ाहिर और नादिया फ़ौज़ा जैसे जवानों से है जो ज़ायोनी खिलाड़ियों के साथ कोई भी मैच खेलने से इंकार कर देते हैं। हिज़्बुल्लाह की स्थापना को चालीस साल पूरे होने के उपलक्ष्य में लेबनान के अनेक शहरों में कार्यक्रमों का सिलसिला है जो इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहलुम तक जारी रहेगा।

बैरूत से आईआरआईबी के लिए हसन अज़ीमज़ादे की रिपोर्ट