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हम गुलामी के दिनों में वापस जा रहे : शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे

मुंबई: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे धड़े पर परोक्ष रूप से हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिवसेना खुले में पड़ी कोई वस्तु नहीं है जिसे कोई भी उठा ले और इसकी विरासत पर दावा कर ले। 1960 में बाल ठाकरे की ओर से स्थापित शिवसेना साप्ताहिक ‘मार्मिक’ के 62वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए ठाकरे ने कहा कि शिवसेना की नींव गहरी और मजबूत हैं।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘कुछ लोग सोचते हैं कि शिवसेना खुले में पड़ी एक वस्तु है जिसे वे उठा सकते हैं और ले जा सकते हैं।’ गौरतलब है कि शिवसेना विधायकों की बगावत के बाद उद्धव ठाकरे को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद 30 जून को बीजेपी के समर्थन से एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

उद्धव-शिंदे गुट के बीच उठापटक
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना की नींव गहरी और मजबूत है और कोई भी पार्टी पर दावा नहीं कर सकता। शिवसेना के नेतृत्व को लेकर ठाकरे और शिंदे खेमे के बीच राजनीतिक खींचतान है। शिंदे गुट ने शिवसेना के चुनाव चिह्न- धनुष और तीर पर भी दावा किया है और मामला चुनाव आयोग के समक्ष लंबित है।

कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘शिवसेना के बीज ‘मार्मिक’ के माध्यम से बोए गए थे क्योंकि इसमें प्रकाशित कार्टून ने 62 साल पहले बेचैन दिमागों को आवाज दी थी। कोई कल्पना कर सकता है कि महाराष्ट्र में मराठी और भारत में हिंदुओं के साथ क्या होता अगर शिवसेना न होती। ‘मार्मिक’ को 1960 में तत्कालीन राजनीतिक कार्टूनिस्ट बाल ठाकरे की ओर से लॉन्च किया गया था। इसे शिवसेना पार्टी के लिए लॉन्चपैड के रूप में देखा जाता है, जो 1966 में अस्तित्व में आई थी।

‘हम गुलामी के दिनों में वापस जा रहे’
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हमला बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘भारत आजादी के 75 साल का जश्न मना रहा है, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए आश्चर्य होता है कि क्या हम गुलामी के दिनों में वापस जा रहे हैं?’ ठाकरे ने क्षेत्रीय दलों पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की टिप्पणी को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया।

नड्डा ने हाल ही में कहा था कि आने वाले समय में बीजेपी जैसी विचारधारा से चलने वाली पार्टी ही बचेगी, जबकि अन्य परिवारों द्वारा शासित पार्टियों का नाश होगा। ठाकरे ने कहा, ‘शिवसेना का अस्तित्व कभी समाप्त नहीं होगा।’ उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सशस्त्र बलों में भर्ती कम करने की योजना बना रहा था। अग्निपथ योजना का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘आपके पास राज्य सरकारों को गिराने के लिए पैसा है, लेकिन सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए नहीं।’