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सिरसा में हरियाणा क्लेरिकल वेलफ़ेयर सोसाइटी ने अपने मूलवेतन में वृद्धि के लिये मुख्यमंत्री खट्टर से की मुलाक़ात : रवि जैस्ट की रिपोर्ट

Ravi Press
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हरियाणा क्लेरिकल वेलफेयर सोसाइटी ने अपने मूलवेतन में वृद्धि के लिये मुख्यमंत्री से की मुलाकात

सिरसा में हरियाणा क्लेरिकल वेलफेयर सोसाइटी की राज्य कार्यकारिणी और सिरसा जिले की कार्यकारिणी ने मिलकर मुख्यमंत्री

मनोहर लाल खट्टर से अपनी वेतन वृद्धि के लिए मुलाकात की और उनको स्मृति चिन्ह भेंट किया । सोसायटी ने ज्ञापन के माध्यम से लिपिक वर्ग का मूल वेतन 19900 से बढाकर 35400 रुपये निर्धारित करने की अपील की। सोसायटी ने कहा कि लिपिक वर्ग का वेतनमान निर्धारित करने के लिए अपैक्स कोर्ट के फैसले के साथ साथ माधवान कमेटी की रिपोर्ट, लिपिक वर्ग पर लगातार बढ़ रहे काम के बोझ व परिस्थितियों को ध्यान में रखकर उनका वेतन सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें के अनुरूप निर्धारित किया जाए।

उनके वेतन में अनेकों विसंगितयां है। कहने को तो लिपिकों को दिए जाने वाले वेतन में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हैं, लेकिन अन्य विभागों में उनके समकक्ष काम करने वाले कर्मचारियों की तुलना में उनका वेतन करीब-करीब आधा है। इनमें स्वास्थ्य विभाग में एमपीएचडब्ल्यू, शिक्षा विभाग में जेबीटी अध्यापक, विभिन्न तकनीकी शाखाओं में कार्यरत जेई, वन विभाग के डिप्टी रेंजर हों या अन्य बहुत सारे कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन की बात हो। इन सभी श्रेणी के कर्मचारियों को लिपिकों से करीब-करीब दोगूना वेतन मिल रहा है। जबकि लिपिकों का मानदेय अभी भी काफी कम है। एक लिपिक को अपनी सालाना वेतन वृद्धि के लिए और प्रमोशन के लिए कंप्यूटर का नॉलेज टेस्ट और टाइपिंग टेस्ट पास करना पड़ता है जो की स्नातक के लेवल का टेस्ट है। जबकि कार्यालयों में उनका काम का बोझ और जिम्मेवारियाँ लगातार बढ़ती जा रहे हैं।सरकार की जनहित की सभी योजनओं को धरातल पर आम लोगो तक पहुचांने का काम भी एक लिपिक ही करता है। एक विभाग में एक-एक लिपिक10-10 ऑनलाइन पोर्टल को अकेला ऑपरेट करता है। डिजिटलाइजेशन में अभी हरियाणा पुरे भारत में पहले स्थान पर आया है, इस मुहीम को पूरा करने में लिपिकों ने बहुत बड़ा योगदान दिया है।सभी लिपिकों ने मांग करते हुए कहा कि उनके वेतन की विसंगितयों को दूर करते हुए उन्हें भी अन्य कर्मचारियों के बराबर वेतनमान दिया जाए। ज्ञापन के माध्यम से लिपिक वर्ग ने अपनी एक मात्र जायज मांग के लिए मुख्यमंत्री जी से मिलने का समय माँगा है ताकि वो अपनी मांग को अच्छी ढंग से रख सके। लिपिक वर्ग ने विश्वास दिलाया की यदि मुख्यमंत्री जी उनकी एक मात्र जायज मांग को मान लेते है तो वे मुख्यमंत्री जी के सदा आभारी रहेंगे।