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सुख कहाँ से मिलेगा,,,पूरे विश्व के इंसान तक़रीबन तीन तरीक़े से ज़िंदगी का सफ़र तय कर रहे हैं -By-मेघराज सिंह

पूरे विश्व के अंदर पूरे विश्व के इंसान तक़रीबन तीन तरीक़े से ज़िंदगी का सफ़र तय कर रहे हैं ।

जैसे कि—

नंबर वन—तक़रीबन 1% विश्व के इंसान ऐसे हैं जो सच बोलते हैं और ईमानदारी से काम करते हैं और पूरे विश्व को अपना समझकर ज़िंदगी जी रहे हैं ऐसे लोग ज़िंदगी का सफ़र सही दिशा में सफ़र तय कर रहे हैं ।

नंबर दो—तक़रीबन 9% विश्व के अंदर ऐसे इंसान हैं जो झूठ ही झूठ बोलते हैं बेईमानी ही बेईमानी करते हैं ख़ुद तो वह परेशान रहते हैं और दूसरों को भी परेशान करते हैं ऐसे इंसान 100% ग़लत दिशा में सफ़र तय कर रहे हैं ।

नंबर तीन—तक़रीबन 90% विश्व के अंदर ऐसे इंसान हैं जो कभी झूठ बोलते हैं कभी सच बोलते है कभी इमानदारी से काम करते कभी बेईमानी से काम करते हैं इनकी ज़िंदगी का सफ़र रुक गया है इनकी सोच भी रुको गई है इनका ज़िंदगी का सफ़र ऐसा है जैसा मौत के कुएँ में मोटरसाइकल चारों तरफ़ घूमकर फिर एक ही जगह पर खड़ी हो जाती है ऐसा इन लोगों की ज़िंदगी का सफ़र चल रहा है ।

कुछ ख़ास शायरी

विश्व के अंदर जिन इंसानों के अंदर सच ही सच होगा वही इंसान इन सच्ची बातों को समझ सकते हैं ।
विश्व के अंदर जो इंसान सच्ची बातों को समझ सकते हैं वही अपना और दूसरों का सुधार कर सकते हैं ।

मेघराज सिह ,सच्चे इंसान ही पूरे विश्व के लोगों को अपना परिवार का सदस्य समझते हैं ।
सच्चे इंसान ही खुशियों भरा जीवन का सफ़र तय करके जीवन को सफल करते हैं ।

नोट -विश्व के अंदर कोई भी इंसान अगर सच को सचमुच ही अपनाएंगे वही अपना जीवन का सफ़र सफलतापूर्वक तय कर पाएंगे और खुशियों पूरी ज़िंदगी जी पाएंगे ।

वॉट्सऐप नंबर+13474754233 USA
Meghrajusgas7@gmail.com
( M S Khalsa)

Meghraj Singh
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मज़ाक के रूप में कुछ हक़ीक़त बातें ।
जैसे पानी के अंदर मगरमच्छ से दुश्मनी रखना पानी के दूसरे जीव जन्तुओं के लिए ख़तरनाक होता है ।
ऐसे ही पूरे विश्व के अंदर शादीशुदा मर्दों के लिए अपनी पत्नियों के साथ दुश्मनी रखना ख़तरनाक होता है ।
जैसे मगरमच्छ से दोस्ती करके पानी के सभी जीव जंतुओं का जीवन ख़ुशहाली मैं गुज़रता रहता है ।
ऐसे ही पूरे विश्व के अंदर जो शादीशुदा मर्द अपनी पत्नियों के साथ दोस्ती कर लेते हैं उनका जीवन भी ख़ुशहाली से गुज़रता रहता है ।
नोट —विश्व की कोई भी महिलाएँ अपने आप की मगरमच्छ से तुलना ना करे क्योंकि मगरमच्छ मेल शब्द है ना कि फिमेल शब्द है यह तो एक पुरानी कहावत थी जो के यह कहावत अधूरी सी लगती थी हमने कुछ शब्द इसमें जोड़ कर इस कहावत को पूरा कर दिया इस कहावत के लिखने के पीछे हमारा मक़सद सिर्फ़ इतना ही है अगर इस कहावत को पढ़कर किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गयी तो हमारा लिखना सफल हो जाएगा धन्यवाद ।
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(M S Khalsa)

सुख कहाँ से मिलेगा

जब तक इंसान के मन में भूतकाल मे किये हुए काम का ग़म रहेगा और भविष्य की चिंताएं मन में रहेंगी तब तक इन्सान को सुपने मे भी सुख नहीं मिलेगा ।
जब इंसान भूतकाल के ग़मों को त्यागकर भविष्य की चिंताओं को त्यागकर के अगर वर्तमान में सही काम करेगा तब इंसान को सुख ही सुख मिलेगा।

जो इंसान सच को सचमुच ही मन से अपनाएगे उनके अंदर से भूतकाल के ग़म भविष्य की चिंताएं सब ख़त्म हो जाएंगे फिर उन का मन वर्तमान मे टिक जाएगा ।
जो इंसान सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलकर वर्तमान में सही काम करेंगे उनको ही अपने अंदर से परम सुख मिल जाएगा ।

नोट —विश्व के अंदर कोई भी इंसान अगर अपने मन को वर्तमान में रखकर सच्चाई और ईमानदारी से काम करेंगे उनकी और वह हमेशा यही परम आनंद में जिएंगे ।

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