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नोबेल शांति पुरस्कार की रेस में ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद ज़ुबैर का नाम आगे, शुक्रवार को की जाएगी घोषणा!

नोबेल शांति पुरस्कार इस साल किसे मिलेगा इसकी घोषणा शुक्रवार को नॉर्वे के ओस्लो में 11 बजे की जाएगी.

टाइम पत्रिका की वेबसाइट के मुताबिक़, इस बार इस रेस में भारत से फैक्ट चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद ज़ुबैर का नाम शामिल है.

तीन महीने पहले मोहम्मद ज़ुबैर को भारतीय दंड संहिता की धारा 153A और 295 के तहत गिरफ्तार किया गया था. उन पर हिंदू धर्म का अपमान करने का आरोप लगा था.

TIME
@TIME

The winner of the Nobel Peace Prize will be announced at 11am local time on Friday in Oslo, Norway. Here are some of the favorites to win

डायनामाइट के आविष्कारक और स्वीडिश केमिस्ट अल्फ्रेड नोबेल ने साल 1895 में नोबेल शांंति पुरस्कार को स्थापित किया था. ये पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने मानव जाति को सबसे अधिक फायदा पहुंचाया है.

विजेता का चयन नॉर्वेइयन नोबेल कमेटी करती है जिसमें पांच सदस्य हैं. इस कमेटी को नॉर्वे की संसद नियुक्त करती है.

रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक नॉर्वेइयन सांसदों ने इस बार प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद ज़ुबैर के अलावा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की, बेलारूस की विपक्षी नेता स्वियातलाना सिखानौस्काया, ब्रिटिश नेचर ब्रॉडकास्टर डेविड एटनबरो, विश्व स्वास्थ्य संगठन, पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, पोप फ्रांसिस, तुवालु के विदेश मंत्री साइमन कोफे और म्यांमार की नेशनल यूनिटी सरकार को नामित किया है.

अजीत🤚🏼
@ajeettweet1

फेक न्यूज़ और सफेद झूठ का पर्दाफाश करने वाली साइट ऑल्ट न्यूज़ के संस्थापक मौहम्मद ज़ुबैर और प्रतीक सिन्हा का नाम 2022 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित व्यक्तियों/संस्थाओं की सूची में शामिल है
प्रार्थना कीजिए कि इस झन्नाटेदार लप्पड़ से गाल सूज जाए
बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे

Md Jahir
@itsjahir5
प्रतीक सिन्हा और “मोहम्मद ज़ुबैर” नॉवेल पीस प्राइज जितने कि दौड़ में शामिल हो गए हैं…

भक्तों आराम से, धक्का मुक्की नहीं करने का सबको बर्नोल दिया जायेगा…

 

2021 के नोबेल शांति पुरस्कार मारिया रेस्सा और दिमित्री मुरातोव को दिया गया था. इन दोनों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के प्रयास करने के लिए ये पुरस्कार दिया गया था.

इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, पूर्व फलस्तीनी नेता यासिर अराफात, म्यांमार की सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची को भी मिल चुका है.