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राजस्थान में भजनलाल सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार, ये हैं शपथ लेने वाले मंत्रियों के नाम!

राजस्थान में भजनलाल सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा है। 15 दिसंबर को भजनलाल शर्मा ने बतौर मुख्यमंत्री तो दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने बतौर उपमुख्यमंत्री शपथ ली थी।

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राजस्थान में आज मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया. भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार में 17 मंत्री शपथ ले चुके हैं. इनमें 12 कैबिनेट और 5 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं.

लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार हो रहा था. लेकिन आज तस्वीर साफ हो गई. भजनलाल सरकार में राज्यवर्धन सिंह राठौड़, गजेंद्र सिंह खींवसर, डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, मदन दिलावर, जोगाराम पटेल, बाबूलाल खराड़ी, सुरेश सिंह रावत, अविनाश गहलोत, जोराराम कुमावत, हेमन्त मीणा और कन्हैयालाल चौधरी कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं. जबकि भजनलाल सरकार में संजय शर्मा, गौतम कुमार, झब्बर सिंह खर्रा, सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, हीरालाल नगर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए हैं. राजस्थान में बीजेपी ने एक राज्यसभा सांसद समेत कुल सात सांसदों को चुनाव मैदान में उतारा था. तीन सांसद चुनाव हार गए और चार जीते हैं. राजस्थान में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले सांसदों की लिस्ट में किरोड़ीलाल मीणा, बाबा बालकनाथ, राज्यवर्धन सिंह और दीया कुमारी जैसे नाम हैं. दीया कुमारी को तो पार्टी ने डिप्टी सीएम बना दिया है.


कुल 16 जिलों का प्रतिनिधित्व दिख रहा है मंत्रिमंडल में

जोधपुर से दो
जयपुर से 4 मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री
उदयपुर से एक
कोटा से दो
पाली से दो
नागौर से दो
अजमेर से एक
प्रतापगढ़ से दो
टोंक से एक
बीकानेर से एक
अलवर से एक
चित्तौड़गढ़ से एक
सीकर से एक
गंगानगर से एक
बाड़मेर से एक
भरतपुर से एक

शपथ लेने वाले मंत्रियों के नाम

डॉ मंजू बाघमार ने मंत्री के रूप में शपथ ली
विजय सिंह चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली
कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मंत्री पद की शपथ ली
जवाहर सिंह बेडम ने मंत्री पद की शपथ ली
जवाहर सिंह बेडम ने मंत्री पद की शपथ ली

कन्हैयालाल चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली
सुमित गोदारा ने मंत्री पद की शपथ ली
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संजय शर्मा ने शपथ ली
गौतम कुमार दक ने मंत्री पद की शपथ ली
झावर सिंह खर्रा ने मंत्री पद की शपथ ली

सुरेंद्र पाल सिंह टीटी ने मंत्री पद की शपथ ली, करणपुर से बीजेपी के उम्मीदवार भी हैं, सुरेंद्र राजस्थान के इतिहास में पहले मंत्री हैं, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ पहले ली है और विधायक की शपथ यह जीत के आने के बाद लेंगे
हीरालाल नागर ने मंत्री पद की शपथ ली


राज्यमंत्री के रूप में ओटाराम देवासी ने शपथ ली

कैबिनेट मंत्री के रूप में डॉ किरोड़ी लाल मीणा
कैबिनेट मंत्री के रूप में गजेंद्र सिंह खींवसर
कैबिनेट मंत्री के रूप में राज्यवर्धन सिंह राठौड़
कैबिनेट मंत्री के रूप में बाबूलाल खराड़ी
कैबिनेट मंत्री के रूप में मदन दिलावर
कैबिनेट मंत्री के रूप में जोगाराम पटेल
कैबिनेट मंत्री के रूप में सुरेश सिंह रावत
कैबिनेट मंत्री के रूप में अविनाश गहलोत
कैबिनेट मंत्री के रूप में जोराराम कुमावत
कैबिनेट मंत्री के रूप में हेमंत मीणा

नौक्षम चौधरी- विधायक, कामां
विधायक चौधरी हरियाणा के नूहं की रहने वाली हैं, जो राजस्थान की कामां विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट पर विधायक चुनी गई हैं। नौक्षम हरियाणा के सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी राम सिंह चौधरी और हरियाणा सिविल सेवा की अधिकारी रंजीत कौर की बेटी हैं। इन्होंने दिल्ली के मिरांडा कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की है। वे तीन साल तक लंदन में रहीं। मिरांडा कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही इन्होंने राजनीति की ABCD सीखा। नौक्षम ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें एक कंपनी में एक करोड़ से ज्यादा का सलाना पैकेज मिला था। हालांकि, उन्होंने नौकरी को नहीं बल्कि राजनीति को अपने करियर के रूप में चुना। नौक्षम पब्लिक रिलेशन और कम्यूनिकेशन एक्सपर्ट हैं और इन्हें आठ से ज्यादा भाषाओं का ज्ञान है।

किरोड़ी लाल मीणा- विधायक, सवाई माधोपुर
पांच बार विधायक, दो बार लोकसभा सांसद, एक बार राज्यसभा सांसद, कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों में रह चुके हैं। इनकी पत्नी गोलमा देवी गहलोत सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। पूर्वी राजस्थान के सबसे कद्दावर नेताओं में इनकी गिनती होती है। एमबीबीएस डॉक्टर हैं, लेकिन करियर राजनीति को चुना।

हरलाल सहारण
चूरू की तारानगर सीट से विधायक, 2.5 करोड़ की संपत्ति है। बीजेपी के दिग्गज नेता राजेंद्र राठौड़़ की जगह इस बार सहारण तारानगर सीट से चुनाव लड़कर जीते। किसान परिवार से आते हैं। चुनावी घोषणा पत्र के मुताबिक, सहारण पर धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति की डिलीवरी के लिए प्रेरित करने संबंधि मुकदमे हैं।

अनीता भदेल
अनीता भदेल अजेमर दक्षिण से चौथी बार विधायक बनी हैं। उन्होंने कांग्रेस की द्रौपदी कोली को करीब चार हजार मतों से हराया है। वो वसुंधरा राजे की सरकार में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री भी रह चुकी हैं। उन्हें पिछली वसुंधरा सरकार में बेस्ट विधायक का अवार्ड भी मिल चुका है। अनीता भदेल का परिवार राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ से जुड़ा रहा है। यह भी अनीता भदेल के पक्ष को अधिक मजबूत करता है।

झाबर सिंह खर्रा
सीकर जिले की श्रीमाधोपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाले बीजेपी विधायक झाबर सिंह खर्रा ने शनिवार सुबह जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए खुद के मंत्री बनाए जाने का खुलासा करते हुए केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया है। झाबर सिंह खर्रा सीकर जिले की श्रीमाधोपुर विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक बने हैं। उनका जन्म श्रीमाधोपुर के भारणी कस्बे में हुआ था। खर्रा ने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है।

खर्रा ने विधानसभा का पहला चुनाव 2013 में कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह शेखावत को हराकर जीता था। इसके बाद 2018 में कांग्रेस के दिग्गज नेता दीपेंद्र सिंह शेखावत से चुनाव हार गए थे। 2023 में अपनी हार का बदला लेते हुए खर्रा ने शेखावत को 14459 मतों से हरा दिया और विधानसभा पहुंच गए।

विरासत में मिली है राजनीति
झाबर सिंह खर्रा इससे पहले भी 2013 से 2018 तक भी श्रीमाधोपुर से विधायक रहे हैं। ज्ञात रहे झाबर सिंह खर्रा को राजनीति विरासत में मिली है। इनके पिता स्वर्गीय हरलाल सिंह खर्रा 5 बार श्रीमाधोपुर से विधायक रह चुके थे और पूर्ववर्ती राजस्थान सरकार में मंत्री भी रहे थे। झाबर सिंह खर्रा श्रीमाधोपुर पंचायत समिति के जिला परिषद सदस्य व प्रधान भी रह चुके हैं। झाबर सिंह खर्रा शेखावाटी में भाजपा के दिग्गज नेता होने के साथ ही पूर्व में सीकर भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

मदन दिलावर
रामगंजमंडी सीट से मदन दिलावर दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। इससे पहले वो चार बार लगातार बारां जिले की अटरू सीट से विधायक रहे। साल 1992, 1995, 1998 और 2003 में वो यहां से विधायक चुने गए थे। साल 2008 में उन्हें हार मिली थी। इसके बाद 2013 में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। साथ ही 2018 में रामगंजमंडी से मौका दिया था, जहां वो चुनाव जीतकर विधायक बने थे। मदन दिलावर 1998 और 2003 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में मंत्री रहे हैं।

सिद्धी कुमारी
राजस्थान के बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनाता पार्टी की सिद्धि कुमारी वर्तमान विधायक हैं। सिद्धि कुमारी अविवाहित हैं। वह लगातार तीन बार विधायक रह चुकी हैं। साथ ही, वह लालगढ़ पैलेस संग्रहालय की निदेशक भी हैं। वह बीकानेर के तत्कालीन साम्राज्य और महाराजा करणी सिंह बहादुर के बेटे नरेंद्र सिंह बहादुर की बेटी हैं। सिद्धि कुमारी के दादा करणी सिंह ओलंपियन रह चुके हैं और वह 1952 से लगातार पांच बार बीकानेर से सांसद रहे हैं।

श्रीचंद कृपलानी
निम्बाहेडा से विधायक हैं। वसुंधरा राजे कैंप से आते हैं। वसुंधरा राजे की सरकार में यूडीएच जैस अहम महकमें के मंत्री रह चुके हैं। कांग्रेस के मंत्री उदलाल आंजना को हरा कर इस बार विधायक बने हैं। कृपलानी चौथी बार के विधायक हैं।