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BREAKING : हेमंत सोरेन इस्तीफ़ा देने राजभवन पहुंचे, चंपई सोरेन को अपना नेता चुना!

झारखंड के सत्ताधारी गठबंधन ने चंपई सोरेन को अपना नेता चुन लिया है. कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर के मुताबिक हेमंत सोरेन ने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है.

इसके बाद चंपई सोरेन को नेता चुना गया. 67 साल के चंपई सोरेन सरायकेला के विधायक हैं.

सत्ताधारी गठबंधन के विधायक अभी राजभवन में है. वहां पांच विधायक राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर रहे हैं.

सत्ताधारी गठबंधन (झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस) के नेताओं ने बताया, “गठजोड़ में शामिल पार्टियों के विधायकों ने चंपई सोरेन को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना है.”

कांग्रेस और जेएमएम के नेताओं ने क्या बताया?

कांग्रेस विधायक राजेश ठाकुर ने कहा, “आज उन्होंने (हेमंत सोरेन ने) तय किया है कि वो इस्तीफा दे रहे हैं. और हमने अपना लीडर चंपई सोरेन को चुन लिया है और उसका दावा हम प्रस्तुत करेंगे. सारे विधायक हमारे साथ हैं.”

इसके पहले झारखंड सरकार के मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया, “हम लोगों ने चंपई सोरेन जी को विधायक दल के नेता के रूप में चुन लिया है. हम महामहिम महोदय से निवेदन करने आए हैं कि उन्हें शपथ दिलाई जाए.”

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की सांसद महुआ मांझी ने बताया है कि सत्ताधारी गठबंधन के पास बहुमत है.

उन्होंने बताया, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अभी हिरासत में हैं.वो ईडी की टीम के साथ गवर्नर साहब के पास गए हैं. तमाम हमारे विधायक साथ में हैं. “

महुआ मांझी ने कहा, “अभी पांच विधायक ही अंदर गए हैं. शायद इस्तीफ़े के बाद सबको जाने दिया जाएगा. “

उन्होंने कहा, “विधायकों की बैठक में यही निर्णय हुआ है कि चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा.”

हेमंत सोरेन ने क्यों दे रहे हैं इस्तीफ़ा

हेमंत सोरेन से बुधवार को ईडी अधिकारियों ने पूछताछ की. ये पूछताछ जमीन की कथित हेराफेरी के एक पुराने मामले में की जा रही है.

इसके लिए ईडी अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भेजकर उनसे समय की मांग की थी. हेमंत सोरेन ने इन अधिकारियों को 31 जनवरी की दोपहर एक बजे अपने आवास पर बुलाया था.

ईडी ने इसी मामले में पिछले 20 जनवरी को भी उनसे पूछताछ की थी. तब यह कहा गया था कि पूछताछ पूरी नहीं हो सकी है.

इससे पहले ईडी के अधिकारी 29 जनवरी की सुबह मुख्यमंत्री के दिल्ली स्थित आवास पर भी गए थे लेकिन उनकी मुख्यमंत्री से मुलाक़ात नहीं हो सकी थी.

तब हेमंत सोरेन के कथित तौर पर लापता होने की भी खबरें चलीं. हालांकि, इसके अगले ही दिन हेमंत सोरेन रांची में नजर आए. सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लिया और विधायकों की बैठक में भी शामिल हुए.

ईडी ने कथित खनन घोटाले में भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया था. जबकि हेमंत सोरेन इन मामलों में प्राथमिक अभियुक्त नहीं हैं.

उनकी पार्टी ईडी पर केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाती रही है.

अब कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी से खुलकर क़ानूनी लड़ाई लड़ना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने का निर्णय लिया है.

रवि प्रकाश

बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से