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BREAKING: EVM & VVPAT Case in SC 🚨अब तक की प्रमुख टिप्पणियाँ देखें!

वीवीपैट पर्चियों के 100 फीसदी मिलान की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है.

मंगलवार को कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलील सुनने के बाद कहा कि अगली सुनवाई गुरुवार को होगी.

गुरुवार को चुनाव आयोग अपने मामले पर अपना पक्ष रखेगा.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने ये याचिका दायर की है.

इस संस्था का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा, “हम यह नहीं कह रहे हैं कि ईवीएम में हेरफेर की जा रही है या की गई है. हम कह रहे हैं कि उन्हें मैनिपुलेट किया जा सकता है. ईवीएम और वीवीपैट दोनों में एक प्रोग्रामेबल चिप होती है.”

इसके अलावा भूषण ने कहा कि ईवीएम का बनाने वाली दो पीएसयू के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स में बीजेपी के सदस्य हैं.

उन्होंने कहा, “आज केवल पांच ईवीएम मशीनों के वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाता है, जो एक विधानसभा क्षेत्र में 2 प्रतिशत है.”

उन्होंने ये भी कहा कि कई देशों में पूरा चुनाव बैलेट पेपर से होता है.

बेंच ने पूछा, “जर्मनी की आबादी कितनी है.”

कोर्ट ने कहा कि इन देशों की आबादी कम है और भारत की इससे तुलना करना गलत होगा.

भूषण ने सुझाव दिया कि समस्या से निपटने के तीन तरीके हैं, पहला- बैलेट पेपर की ओर वापस जाना.

दूसरा-मतदाताओं को वीवीपैट पर्ची मिले और फिर उसे बैलेट बॉक्स में जमा करने और फिर पर्चियों की गिनती हो.

तीसरा- जहां से वीवीपैट चिट जेनरेट होती हैं उसे ग्लास ट्रासपरेंट रखा जाए और फिर उसकी गिनती हो. अभी जब ग्लास पर वीवीपैट पर्ची जेनरेट होती है तो वह सात सेकेंड के लिए ही दिखती है.

Sandeep Chaudhary commentary
@newsSChaudhry
BREAKING: EVM & VVPAT Case in SC 🚨

अब तक की प्रमुख टिप्पणियाँ –

1) ECI पूरी तरह से बैकफुट पर है, जजों के सवालों का जवाब देने में असमर्थ है।

2) ECI प्रशांत भूषण और अन्य के सवालों का जवाब देने में विफल रहा, उनमें से कई सवालों से चूक गए

3) न्यायाधीशों को ईसीआई की आलोचना करने का अवसर मिल रहा है लेकिन वे उदासीन दिख रहे हैं

4) याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण और अन्य अच्छे तथ्य रखकर केस लड़ रहे हैं

5) ‘मैच फिक्सिंग’ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. बेहतरी की उम्मीद में मामला अभी भी चल रहा है। भारतीय लोकतंत्र का भविष्य पूरी तरह इसी पर निर्भर है।

Khalid Khan
@KhalidK64901485

ईवीएम हटाओ देश बचाओ _बढ़ती महंगाई को रोकना है तो ईवीएम को हटाना है _ बढ़ती बेरोजगारी को रोकना है तो ईवीएम को हटाना है _बढ़ती भ्रष्टाचारी को रोकना है तो ईवीएम को हटाना है > संविधान को बचाना है तो ईवीएम को हटाना है फैसला अभी आपके हांथ में है जय हिंद ?

HarbeerSingh (भारतीय)
@hmarwahahs

सब संवैधानिक अधिकारी डराधमका ,लालच देकर खरीद लिऐ गए हैं।मंहगाई, बेरोजगारी का स्लो पायजन अंधभक्तो को दिया जा रहा है।इसलिए उनको अपने लुटने का अहसास नहीं हो रहा है।लूटेरा सपने दिखा कर लूट रहा है और प्यासी हिरणी की तरह मृगमरीचिका मे अंधभक्त फंसे हुए हैं