इतिहास

12 किलो ग्राम वज़नी भारत के सबसे बड़े सोने के सिक्के की ढ़लाई मुग़ल बादशाह जहांगीर के समय हुई थी!

Syed Faizan Siddiqui ============ क्या आपको पता है भारत के सबसे बड़े सोने के सिक्के की ढ़लाई मुग़ल बादशाह जहांगीर (1569 – 1627) के समय हुई थी? 12 किलो ग्राम वज़नी इस सिक्के की क़ीमत एक हज़ार मोहर थी। उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार जहांगीर ने ये 1000 मोहर का सिक्का ईरानी राजदूत जमील बेग को […]

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महाराज गुलाब सिंह डोगरा राजवंश एवं जम्मू और कश्मीर राजघराने के संस्थापक!

महाराज गुलाब सिंह (१७९२-१८५७) डोगरा राजवंश एवं जम्मू और कश्मीर राजघराने के संस्थापक और जम्मू और कश्मीर रियासत के पहले महाराज थे। उनका जन्म सन् १७९२ में जामवल कुल के एक डोगरा राजपूत परिवार में हुआ था, जो जम्मू के राजपरिवार से ताल्लुख़ रखते थे। उन्होंने अपनी क्षत्रिय जीवन की शुरुआत जम्मू रियासत के अधीपति, […]

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इस तरह 624 वर्षीय सलत़नत-ए-उस्मानिया का महान युग समाप्त हो गया : मुसलमानों का शानदार माज़ी : रिपोर्ट

खिलाफत ए उस्मानिया के दौर की वह रेलगाड़ी जो हर साल #ईद_मिलादुन्नबीﷺ के मौके पर तुर्की🇹🇷 से मदीना पाक आती थी.! मुसलमानों का शानदार माज़ी बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम अलहम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन, वस्सलातु वस्सलामु अला नबिय्यिल करीम व अला अलिहि व अस्हाबिहि अजमईन मुसलमानों का शानदार माज़ी उस्मानी दौर में इस्तांबुल (तुर्की) से मुसलमानों की तीन महाद्वीप […]

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अल्फ्रेड बर्नहार्ड नोबेल : नोबेल पुरस्कार के बारे में जानिये!

जान अब्दुल्लाह ====== अल्फ्रेड बर्नहार्ड नोबेल : अभी नवभारतटाइम्स का समाचार था कि अमरीका एक ऐसे ट्रक पर परीक्षण कर रहा है जिसे परमाणु हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने के काम लिया जाएगा और असावधानी की अवस्था में यह ट्रक कुछ ही क्षणों में किसी भी शहर को खाक कर सकता […]

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हिंदुस्तान और तुर्की के रिश्ते कभी बहुत गहरे थे : ख़िलाफ़त-ए-उस्मानिया की शहज़ादीयां निज़ाम हैदराबाद बहू थीं!

हिंदुस्तान और तुर्की के रिश्ते आज भले ही खराब हो लेकिन कभी ये रिश्ते बहुत गहरे थे कभी ख़िलाफत ए उस्मानिया की शहज़ादीयां निज़ाम हैदराबाद बहू थीं। पहली जंगे अज़ीम (1914-1919) में उस्मानी सल्तनत यानी आज का तुर्की जर्मनी के साथ मिलकर मित्र राष्ट्रों के खिलाफ लड़ा था। इस जंग में तुर्की हार गया और […]

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ये तस्वीर 1913 ईस्वी की है, “सल्तनत-ए-उस्मानिया” के फौजी फांसी पर चढ़ने से पहले नमाज़ के लिये वज़ु कर रहे हैं

ख़िलाफ़त-ए-उस्मानिया… ये तस्वीर 1913 ईस्वी की है, बलक़ान की जंग के बाद बलगारियों के हाथों फांसी पर चढ़ने से पहले “सल्तनत -ए-उस्मानिया” के बहादुर फौजी आख़री नमाज़ अदा करने के लिये वज़ु कर रहे हैं।

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आज ही के दिन 21 अक्टूबर 1296 को अलाउद्दीन ख़िलजी की ताजपोशी हुई थी!

मुग़ल सल्तनत مغل سلطنت ========== आज ही के दिन 21 अक्टूबर 1296 को अलाउद्दीन खिलजी ने इलाहाबाद के पास जिला कोशांबी के कड़ा नाम की जगह पर सुल्तान की ताजपोशी हुई। चाचा जलालुद्दीन ख़िलजी के क़त्ल के कुछ महीनों बाद अलाउद्दीन दिल्ली के सुल्तान बने। सुल्तान बनने से पहले अलाउद्दीन यहा के सूबेदार थे और […]

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राजपूताना इतिहास और विरासत : जगदीश मंदिर का निर्माण मेवाड़ महाराणा जगतसिंह ने 1651 ई. में करवाया था

· जगदीश मंदिर (उदयपुर) इस भव्य मंदिर का निर्माण अर्जुन नामक मंत्री की देखरेख में मेवाड़ महाराणा जगतसिंह जी ने 1651 ई. में करवाया था। जगदीश मंदिर के वास्तुकार भाणा जी व मुकुंद जी थे। जगदीश मंदिर में एक प्रशस्ति उत्कीर्ण करवाई गई थी, जिसके लेखक कृष्णभट्ट जी थे। महाराणा ने कृष्णभट्ट जी को भैंसड़ा […]

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कन्नौज किले के सामने अपने समय का सर्वाधिक दानवीर राजा जयचंद्र की प्रतिमा!

Dr Rajendra Prasad Singh ======= पृथ्वीराज रासो पढ़कर राजा जयचंद्र का इतिहास लिखिएगा तो वह गलत होगा ही…. विरोधी इतिहासकार हमेशा गलत बिंब खड़ा करता है…. तैमूर लंग ( लंगड़ा ) को विरोधी इतिहासकारों ने लंगड़ा राजा कहा….. फिर विरोधी इतिहासकार जयचंद्र को गद्दार राजा क्यों नहीं कह सकता? चंदबरदाई का दावा है कि मैं […]

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मगर ये पुरातात्विक अवशेष पुष्पगिरि बौद्ध महाविहार के हैं…

Dr Rajendra Prasad Singh =============== प्राचीन भारत का इतिहास प्राचीन भारत के फ्रेम में नहीं लिखा गया है….. पुष्पगिरि बौद्ध महाविहार की खोज! प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने 639 ई. में उड़ीसा की यात्रा की …. लिखा कि उड़ीसा का राज्य 7000 ली में फैला हुआ है….भूमि उपजाऊ है…..अनाज बहुत अच्छा होता है….भाषा मध्य – […]