इतिहास

भारत का इतिहास : मध्यकालीन भारत. : ख़िलजी वंश : भारतीय इतिहास का महान सम्राट ”अलाउद्दीन ख़िलजी” : पार्ट 59

शासक ख़िलजी वंश के सुल्तानों ने 1290 से 1320 ई. तक राज्य किया। दिल्ली के ख़िलजी सुल्तानों में अलाउद्दीन ख़िलजी (1296-1316 ई.) ही सबसे प्रसिद्ध और योग्य शासक सिद्ध हुआ था। शासकों के नाम – जलालुद्दीन ख़िलजी – (1290-1296 ई.) – अलाउद्दीन ख़िलजी – (1296-1316 ई.) – शिहाबुद्दीन उमर ख़िलजी – (-) – क़ुतुबुद्दीन मुबारक […]

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भारत का इतिहास : मध्यकालीन भारत. : ख़िलजी वंश 1290-1320 ई. : ख़िलजी वंश का संस्थापक ‘जलालुद्दीन ख़िलजी’ : पार्ट 58

ख़िलजी वंश खल्जी (खिलजी) शासन कुछ इतिहासकार खल्जी को अफगान मानते हैं किन्तु अधिकांश इतिहासकारों का मानना है कि खिलजी 64 तुर्क जातियों में ही एक थे, किन्तु ये विशेषाधिकार विहीन वर्ग थे और इलवरी वंश के नस्लवादी नीतियों का शिकार इन्हें बनना पड़ा था। खिलजी वंश की स्थापना का अर्थ था, इलवरी वंश के […]

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भारत का इतिहास : दिल्ली सल्तनत-मामलूक अथवा ग़ुलाम वंश : ‘ज़िल्ले-इलाही’ ग़यासुद्दीन बलबन : पार्ट 57

ग़ुलाम वंश स्थापना ग़ुलाम वंश दिल्ली में कुतुबद्दीन ऐबक द्वारा 1206 ई. में स्थापित किया गया था। यह वंश 1290 ई. तक शासन करता रहा। इसका नाम ग़ुलाम वंश इस कारण पड़ा कि इसका संस्थापक और उसके इल्तुतमिश और बलबन जैसे महान् उत्तराधिकारी प्रारम्भ में ग़ुलाम अथवा दास थे और बाद में वे दिल्ली का […]

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2 जनवरी 1492 को स्पेन से मुस्लिम हुकूमत ख़त्म होती है और आख़िरी बादशाह अपने महल से रोते हुए निकलता है

2 जनवरी 1492 को गरनाता ( उंदलुस, स्पेन ) से मुस्लिम हुकूमत खत्म होती है और आखिरी बादशाह जो मशहूर अंसारी सहाबी हज़रत सअद बिन उबादा के वंशज थे अपने महल से रोते हुए निकलते हैं उसके बाद स्पेन वालों पर धुन सवार होता है कि गुलामी की निशानी को बाकी नहीं रखना है और […]

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“जनरल कदूर बिन ग़बरीत जो मुफ्ती बना हुआ था”

1924 ईस्वी में खिलाफत उस्मानिया का खात्मा हुआ 1925 ईसवी में फ्रांस ने दमिश्क पर बमबारी की आलम ए इस्लाम के बहुत सी शख्सियतों ने इस बमबारी की हिमायत की जैसा कि मौजूदा जमाने में कई लोगों ने दहशत गर्दी के खिलाफ जंग के नाम पर इस्लाम के खिलाफ सलीबी जंग की हिमायत की इनमें […]

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भारत का इतिहास : दिल्ली सल्तनत-मामलूक अथवा ग़ुलाम वंश : नसीरूद्दीन महमूद, पवित्र क़ुरआन हाथ से लिखता और प्रतियां बेच कर ख़र्च चलाता था : पार्ट 56

नसीरूद्दीन महमूद (1245 – 1265) नसिरुद्दीन महमूद (1246-1266 ई.) इल्तुतमिश का कनिष्ठ पुत्र तथा ग़ुलाम वंश सुल्तान था। यह 10 जून 1246 ई. को सिंहासन पर बैठा। उसके सिंहासन पर बैठने के बाद अमीर सरदारों एवं सुल्तान के बीच शक्ति के लिए चल रहा संघर्ष पूर्णत: समाप्त हो गया। नसिरुद्दीन विद्या प्रेमी और बहुत ही […]

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भारत का इतिहास : दिल्ली सल्तनत-मामलूक अथवा ग़ुलाम वंश : अलाउद्दीन मसूद (1242 – 46 ई.) : पार्ट 55

अलाउद्दीन मसूद (1242 – 46 ई.) – अलाउद्दीन मसूद (1242 – 1246 ई.), रुकुनुद्दीन फ़ीरोज़शाह का पौत्र तथा मुइज़ुद्दीन बहरामशाह का पुत्र था। – उसके समय में नाइब का पद ग़ैर तुर्की सरदारों के दल के नेता मलिक कुतुबुद्दीन हसन को मिला। – क्योंकि अन्य पदों पर तुर्की सरदारों के गुट के लोगों का प्रभुत्व […]

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भारत का इतिहास : दिल्ली सल्तनत-मामलूक अथवा ग़ुलाम वंश : मुइज़ुद्दीन बहरामशाह (1240-1242 ई.) : पार्ट 54

मुइज़ुद्दीन बहरामशाह – रज़िया सुल्तान को अपदस्थ करके तुर्की सरदारों ने मुइज़ुद्दीन बहरामशाह (1240-1242 ई.) को दिल्ली के तख्त पर बैठाया। – सुल्तान के अधिकार को कम करने के लिए तुर्क सरदारों ने एक नये पद ‘नाइब’ अर्थात ‘नाइब-ए-मुमलिकात’ का सृजन किया। – इस पद पर नियुक्त व्यक्ति संपूर्ण अधिकारों का स्वामी होता था। – […]

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भारत का इतिहास : दिल्ली सल्तनत-मामलूक अथवा ग़ुलाम वंश : रज़िया सुल्तान, भारत की पहली महिला शासिका : पार्ट 53

  ग़ुलाम वंश के शासक ============ 1206 से 1290 ई. के मध्य ‘दिल्ली सल्तनत’ पर जिन तुर्क शासकों द्वारा शासन किया गया उन्हें ‘ग़ुलाम वंश’ का शासक माना जाता है। इस काल के दौरान दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाले राजवंश थे- – कुतुबुद्दीन ऐबक का ‘कुत्बी’ – इल्तुतमिश (अल्तमश) का ‘शम्सी’ – बलबन का […]

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भारत का इतिहास : दिल्ली सल्तनत-मामलूक अथवा ग़ुलाम वंश : रुकुनुद्दीन फ़ीरोज़शाह (1236) : पार्ट 52

रुकुनुद्दीन फ़ीरोज़शाह इल्तुतमिश ने अपनी पुत्री रज़िया सुल्तान को अपना उत्तराधिकारी बनाया था। लेकिन इल्तुतमिश की मृत्यु के बाद, इल्तुतमिश के बड़े पुत्र रुकुनुद्दीन फ़ीरोज़शाह (1236 ई.) को दिल्ली की गद्दी पर बैठाया गया। सुल्तान बनने से पहले वह बदायूँ और लाहौर की सरकार का प्रबन्ध संभाल चुका था। वह विलासी प्रवृत्ति का होने के […]