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इस कश्ती को भी अब पार करे कोई…**रमज़ान** की आमद पर विक्रम प्रताप की नज़म!

**रमजान ** ============== कर्म मुझ पर भी मौला करे कोई नही कहता गिरेबां गैर सिले कोई मै भी हूँ मिटटी गर उसी के हाथो की उसका हूँ तो मेरी और ना सुने कोई दर दर फिरना मुझे भी गवारा तो नही उसके ही दर से अब बिगड़ी बने कोई नमाज़े पांच ना माथे पे निशाँ […]

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दाग़ देहलवी : उर्दू है जिस का नाम हमीं जानते हैं ‘दाग़’। हिन्दोस्तां में धूम हमारी ज़बां की है।।

Syed Faizan Siddiqui =============· 🕛 17 मार्च 1905 ई० #HeroOfNation #PoetOfNation शुरू करता हूँ अपने पसंदीदा शेर से… आशिक़ी से मिलेगा ऐ ज़ाहिद । बंदगी से ख़ुदा नही मिलता ।। उर्दू है जिस का नाम हमीं जानते हैं ‘दाग़’ । हिन्दोस्तां में धूम हमारी ज़बां की है ।। उर्दू शायरों में दाग देहलवी का शुमार […]

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2020 का साहित्य अकादमी पुरस्कार अनामिका को मिला है, कविता की श्रेणी में अनामिका पहली स्त्री कवि हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है!

Ravish Kumar ======================== 2020 का साहित्य अकादमी पुरस्कार अनामिका को मिला है। कविता की श्रेणी में अनामिका हिन्दी की पहली स्त्री कवि हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है। इसलिए भी गौरव की बात है। पुरस्कार किसी कवि की रचना संसार के लिए पूर्ण विराम नहीं होता है। एक घंटी होती है जो चारों तरफ़ बज […]

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ग़ालिब

Ibrahim Ali Khan Shishmahal ========== उसकी मौत की सालगिरह पर: मिर्जा असद उल्लाह बेग खान ‘ग़ालिब’ जन्म-27 दिसंबर 1797, कला महल, आगरा में । निधन-15 फरवरी 1869, गली कासिम जान, बल्लीमारान, चांदनी चौक, दिल्ली में । दिल्ली में निजामुद्दीन इलाके के चौसठ खंबा के पास दफन किया गया । Na tha kuch towe Khuda tha, […]

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अरे बहू…..निशा और युनुस दोनों को ही गाजर का हलवा बहुत पसंद है

Jagjit Singh – Aligarh ========= #गाजर_का__हलवा….. अम्मी जान जी…..ये आज इतनी सारी गाजरे क्यों मंगवाई है…. अरे बहू…..निशा और युनुस दोनों को ही गाजर का हलवा बहुत पसंद है सर्दियां शुरू होती नहीं की इनकी फरमाइश शुरू हो जाती है…. गाजर का हलवा…..वो तो मुझे भी बेहद पसंद है …नर्गिस ने मन ही मन मे […]

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“””वो बचपन के दिन सुहाने”””

Kaviraj A Kumar ================== “””वो बचपन के दिन सुहाने !!””” वो कागज़ की नाव, बारिश में चलाने में बड़ा मजा आता था, वो छत के ऊपर से उड़ता हुआ aeroplane भी आनंद दे जाता था। अब तो ये तरीके out dated हैं, हो गए हैं पुराने, याद आते हैं, वो बचपन के दिन सुहाने। पापा […]

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कहानी : राजकुमार और परियों की राजकुमारी : पार्ट 2

हमने कहा था कि एक नेत्रहीन राजा था और हाथ देखने वाले एक बूढे व्यक्ति ने कहा था कि परियों की रानी की घोड़ी का दूध इसकी आंख की दवा है। राजा के तीन बेटे थे उनमें से एक बहुत कमज़ोर और दुबला था जबकि दो अन्य ठीक- ठाक और हष्ट- पुष्ट। राजा के तीनों […]

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नीली आंखों का संगीत…जल रहा है, कल आसमान!

Narcisa Liliana Fărcaș ================= मिस्टर । एक्स मेरे मन में 1 नीली आंखों का संगीत जल रहा है । कल आसमान सफेद क्षेत्रों का खेल दिन के दौरान कोई हाथ नहीं । कोहरे में सीटी का रोना । हमारे भीतर प्रकाश का संगीत । जल रहा है । आज धरती । सफेद क्षेत्रों का खेल […]

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गत वर्ष के क्या क्या किस्से, मत सोचो क्या आया हिस्से! नूतन वर्ष में लिख दो, इक नयी कहानी!!

मंजुल सिसोदिया ================ नव वर्ष वो देखो! सूरज की रश्मियों पर हो कर सवार। समय के पहियों को संग लिये, नव वर्ष है आ रहा। कितनें स्वर्णिम सपनें , नयनों में भर अपनें, मानव को ललचा रहा। तुम भी फैला लो, दामन अपना अपना। न जाने क्या क्या, सौगातें है ला रहा। गत वर्ष के […]

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गिरगिट की तरह बदल जाता हूँ मैं….

ता ना बन जाऊँ !!”” नए-नए रंग दिखाता हूँ मैं, गिरगिट की तरह बदल जाता हूँ मैं। रोज़ सोचता हूँ, आज कौन सा रंग दिखाऊँ, मैं कहीं नेता ना बन जाऊँ। पोलें सबकी खोलता हूँ मैं, आज-कल झूठ बहुत बोलता हूँ मैं। “झूठा कहीं का”, ना कहलाऊँ, मैं कहीं नेता ना बन जाऊँ। कल-परसों पर […]