साहित्य

बेकार भौंकने के कारण ही कुत्तों की जाति बरबाद हुई है : ख़लील जिब्रान की प्रसिद्ध कहानी

खलील जिब्रान की प्रसिद्ध कहानी है। एक कुत्ता बाकी कुत्तों को समझाता था कि देखो भौंको मत, बेकार मत भौंको। बेकार भौंकने के कारण ही कुत्तों की जाति बरबाद हुई। और जब तक हम बेकार ही भौंकते रहेंगे, शक्ति व्यय होगी। और जब शक्ति भौंकने में ही व्यय हो जाएगी तो और क्या खाक करोगे? […]

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एक आदमी के घर एक संन्यासी मेहमान : टाल्सटाय की प्रसिद्ध कहानी

टाल्सटाय की प्रसिद्ध कहानी है कि एक आदमी के घर एक संन्यासी मेहमान हुआ—एक परिव्राजक। रात गपशप होने लगी, उस परिव्राजक ने कहा कि तुम यहां क्या ये छोटी—मोटी खेती में लगे हो! साइबेरिया में मैं यात्रा पर था तो वहां जमीन इतनी सस्ती है—मुफ्त ही मिलती है। तुम यह जमीन छोड़—छाड़ कर, बेच—बाच कर […]

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इश्क़ के रंग और दाग़ देहलवी : तख़ल्लुस दाग़ है और आशिकों के दिल में रहते हैं

ख़ुदा रखे मुहब्बत ने किये आबाद घर दोनों मैं उनके दिल में रहता हूं वो मेरे दिल में रहते हैं कोई नामो-निशां पूछे तो ऐ क़ासिद बता देना तख़ल्लुस दाग़ है और आशिकों के दिल में रहते हैं Daag Dehlvi 1831-1905 Daagh Dehlvi was an Indian Urdu poet who wrote most of his poetry on […]

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मम्मी को याद करते हुए……

Nirupma Ashok =========== आज 23 मई है।आज ही के दिन 1985 में हमारी प्यारी मां श्रीमती कृष्णा अवस्थी ने हम सबको वेदना व्यथित करते हुए हमें छोड़कर महाप्रयाण किया था। उनके न रहने पर हम विराट मातृत्व बोध में उन्हें समाहित कर उन्हें याद करते रहे हैं तथा उनकी कही बातें दुहराते रहे हैं। जीवन […]

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कैसे बर्दाश्त किया होगा तुमने, सती माँ की जय-जयकार करती उस उन्मादित भीड़ को…

Arun Maheshwari ============== आज आधुनिक भारत के रचयिता, भारतीय नवजागरण के अग्रदूत राजा राममोहन राय का जन्मदिन है। ये राजा राममोहन राय ही थे जिनके अथक प्रयासों से सती प्रथा जैसी क्रूर और अमानवीय प्रथा को रोकने के लिये क़ानून बनाया गया। आज उन्हें याद करते हुए यह कविता जो 1987 में दिवराला में रूपकंवर […]

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ए सड़कों तुम ठंडी रहना…सूरज की नाफ़रमानी करना!

Ravish Kumar =============== ए सड़कों तुम ठंडी रहना ए सड़कों तुम ठंडी रहना सूरज की ना फ़रमानी करना गुज़र रहे हैं श्रम जीवी काँधे लाधे अम्मा- बीबी कोई बेटे का शव लटकाये चला जा रहा शीश झुकाए रोने से करता परहेज क्वारंटींन में दें न भेज जहाँ फेंक कर मिलती रोटी निर्धन को नियति की […]

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आत्मनिर्भर का मतलब यह नहीँ है….

Reema Kapoor =========== आत्मनिर्भर का मतलब यह नहीँ है की आई फोन की जगह लावा का फोन इस्तेमाल करना शुरु कर देना है। इसका मतलब है आई फोन जैसे फोन को निर्माण करने की क्षमता विकसित करनी है। आत्मनिर्भर का मतलब यह नहीं है की तुरन्त BMW को फेककर मारुती पर आ जाना है। इसका […]

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इस बार मूर्ख महासम्मेलन में सभापति आप ही रहेंगे

Sumit Ranjan Tripathi ============= #महामूर्ख सम्मेलन संसद भवन. प्रधानमंत्री का कक्ष. तब #नेहरूजी प्रधानमंत्री थे. मैं मिलने गया. मिलने क्या गया, अपनी पुस्तके भेट करने गया. संसद चल रही थी. बीच में ही वहां से उठकर नेहरूजी आये. उनकी दाहिनी ओर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री श्री राजबहादुर और बाईं ओर उनके सखा एवं संसद-सदस्य श्री महावीर […]

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◆ स्त्री और कला ◆ : क्या स्त्री होना मनुष्य होने के पहले है!

Narendra Tiwari =========== ◆ स्त्री और कला ◆ क्या स्त्री होना मनुष्य होने के पहले है? क्या काया के वार्डरोब से पहले एक ‘आत्म’ है जो तमाम किस्म के संवेदनात्मक विभेदों और प्रभावों को अतिक्रान्त करते हुए अपनी तरह से सर्वभौम है? यदि ऐसा है भी तो भी क्या इस खगोलीय सर्वात्मा के अनन्तर जिज्ञासाओं […]

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पहले यह बताओ वह लेडी कौन थी

Sk Yadav  ==================== Lady with Cigarette : An interesting story. बात जुलाई 1993 की है, इन दिनों मैं इलाहाबाद के प्रमुख अखबार नार्दन इंडिया पत्रिका और अमृत प्रभात में न्यूज़ फोटोग्राफर के तौर पर कार्यरत था। मैं अच्छी तरह जानता था कि अखबार का पाठक रोज-रोज धरना प्रदर्शन उद्घाटन सेमिनार हिंसा मारपीट, नेताओं की तस्वीरें […]