साहित्य

लीला ‘बाज़ार वाली’ : कहानी

Pratima Jaiswal ========== लीला ‘बाजार वाली’ (कहानी) परिस्थितियों के चलते जब हम वो काम करना शुरू करते हैं, जो हमें करना पड़ता है। तो हम वो काम नहीं कर पाते, जो हम करना चाहते थे। हमारे आसपास ऐसे कितने ही लोग हैं, जो जीवन के इस सत्य को जी रहे हैं। लीला की कहानी भी […]

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एक सवाया आदमी…कैमरा की ओर देखकर मुस्करा रहे हैं

Hindinama ============ एक सवाया आदमी ———————– मुंशी प्रेमचंद और जयशंकर प्रसाद की एक तस्वीर है। दोनों साथ खड़े हैं, कैमरा की ओर देखकर मुस्करा रहे हैं। तस्वीर में प्रेमचंद के जूतों को देखकर मेरे मन में सवाल उठता है कि क्या ये वही जूते हैं, जो फट गए थे? और यह कि अगर मैं उस […]

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।।प्रेम जो बेशर्त होता है, वो कुछ ऐसा ही होता होगा।।

Vijay Divya Jyoti ============ ।। प्रेम जो बेशर्त होता है, वो कुछ ऐसा ही होता होगा ।। (Must read at least once.) COPIED प्रेम में डूबी हर स्त्री अमृता होती है या फिर होना चाहती है पर सबके हिस्से कोई इमरोज नहीं होता, शायद इसलिए भी कि इमरोज होना आसान नहीं।खासकर हमारी सामाजिक संरचना में […]

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अपनी-अपनी बारिश : कहानी-2

Pratima Jaiswal ========· अपनी-अपनी बारिश (कहानी-2, आखिरी भाग) इच्छा टेली मार्केटिंग की जॉब करती थी। वहीं, उसकी मुलाकात वैभव से हुई थी। वैभव पहली नजर में इच्छा पर फिदा हो गया था। इंटरव्यू के वक्त इच्छा समझ नहीं पाई थी कि वैभव ऑफिस का बॉस भी है। यह ऐसा पहला ऑफिस था, जहां इच्छा फिट […]

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अपनी-अपनी बारिश : कहानी-1

Pratima Jaiswal ===== अपनी-अपनी बारिश (कहानी-1) ‘आज का मौसम कितना रोमांटिक है ना?’ इच्छा ने आंहे भरते हुए वैभव को अपनी बांहों में भर लिया। ‘हां, ठीक है बारिश में पार्टी करने का अलग ही मजा होता है’ वैभव ने इच्छा को खींचकर बेड पर पटक दिया। ‘फिर मैं तैयारी शुरू कर दूं बाहर चलने […]

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मैं टॉम बॉय थी, लड़कियों से ज़यादा लड़के दोस्त थे

Pratima Jaiswal ============ आप कितने ही अल्ट्रा एडवांस बन जाएं, गूगल की शरण में जाकर कितने ही ज्ञानी बनने का दावा करें लेकिन वो नहीं सीख सकते, जो हमें दादा-दादी, नाना-नानी सिखाते हैं। आमतौर पर इनके पास ज्यादा किताबी ज्ञान नहीं होता लेकिन इनके जीवन के अनुभव और विलुप्ति की कगार पर खड़ा गजब का […]

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”आप” ने प्रेम के नाम पर छल किया है

Pratima Jaiswal ============== गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं होता, परिवर्तन ही सृष्टि का नियम है। ट्रेलर स्विफ्ट भी Nothing lasts forever’ जैसा शाश्वत जानते हुए भी बार-बार प्यार कर बैठती हैं। इस सत्य को जानने के बाद भी उन्हें यह उम्मीद है कि उनका प्रेमी कभी न कभी उनके […]

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बचपन से अब तक का सफ़र, कितना अज़ीबो-ग़रीब है..

Reema Kapoor ========= स्कूल से फिर स्कूल तक🙄 पांचवीं कक्षा तक स्लेट को गोबी के डनटल और भृंगराज (देहाती भाषा में भंगरेईया) से, थूक से मिटाना या जीभ से चाटकर कैल्शियम की कमी पूरी करना हमारी स्थाई आदत थी लेकिन इसमें पापबोध भी था कि कहीं विद्या-माता नाराज न हो जायें…!!! पढ़ाई का तनाव / […]

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कविता का एक रंग यह भी,,,तबस्सुम फ़ातिमा

Tabassum Fatima =========== कविता का एक रंग यह भी। टूटी हुई नथ और समय — तबस्सुम फातिमा जगमगाते सितारों की रौशनी और मेरी हथेली पर रखी, टूटी नथ के दरमियान भी एक रिश्ता है शायद तुम इसे समझ पाओ , कि यादों की खुशनुमा छॉव में तन्हाई के बसेरे में तुम्हारी दी हुई सौग़ात में […]

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किसी एक किताब के सहारे ज़िन्दगी बितानी हो, तो मैं ‘’वॉर एंड पीस’’ को चुनुँगा

Ikkyu Tzu ============== पीछे ‘वॉर एंड पीस’ के बारे में लिखना चाह रहा था, लेकिन लिखते-लिखते रह गया| एक कोशिश आज फिर से…! मैं किताबों के बारे में इसलिए लिखता हूँ ताकि आप के भीतर उन किताबों को पढ़ने की प्यास जगे| लेकिन, वॉर एंड पीस के मामले में ऐसा नहीं किया जा सकता है| […]