साहित्य

माँ, बेटी और “मायका”….मेरी मां

Shahnaj Begam ================= माँ, बेटी और “मायका” मेरी मां ❤️ ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ औरतों का बूढ़ापा उम्र पर उतना ज्यादा निर्भर नहीं करता जितना माँ के होने या न होने पर। कुछ बेटियाँ बचपन में ही बूढ़ी हो जाती हैं, माँ के बिन। और कुछ चौथे पड़ाव तक भी बचपन ही जीती हैं क्योंकि माँ का सानिध्य […]

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#एक_माँ_की_मुहब्बत_की_यह_कहानी_आप_को_रूला देगी____●●●●●●●●

मेरी मां की एक ही आंख थी ,और वह मेरे स्कूल के किचन में खाना बनाती थी , जिसकी वजह से मैं बहुत शर्मिंदा रहता था और उससे नफरत करता था मैं जब पांचवी क्लास में था तो वह मेरी क्लास में मेरी हालचाल पूछने आई मैं बहुत गुस्सा हुआ तिलमिलाया उसको मुझे इस तरह […]

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माँ, कोहीनूर सी तू…by-मंजुल सिसोदिया

मंजुल सिसोदिया ============== कोहीनूर माँ, कोहीनूर सी तू, तू है खिले कमल पर, पडी़ चमकती बूँद सी। याद आता है, वो गोद में सिर रख मेरा, कोमल अंगुलियों से, थपथपाना तेरा। अपने आँचल में ढक, प्यार से गुदगुदाना तेरा। पकडे़ आँचल को, झटके से छुड़ाना तेरा। अंगुली से इंगित कर, चँदा मामा, दिखाना तेरा। जब […]

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बहुत रफतार से लोगों करोना आ रहा है…किसी को कफ़न पहिनाने की अब फुर्सत नहीं है!

बहुत रफतार से लोगों करोना आ रहा है इसी के खौफ से इन्सान अब घबरा रहा है किसी मययत को नहलाने की। जरूरत ही नहीं है किसी को कफ़न पहिनाने की अब फुर्सत नहीं है मशीनों से गड़े को खोद कर दफना रहा है जगह कब्रों को कब्रिस्तान बाकी। नहीं है किशमशानो में भीतो लम्बी। […]

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हे महादेव! हो कहाँ…?…धरा है कराह रही….मंजुल सिसोदिया

मंजुल सिसोदिया ====================== हे महादेव !हो कहाँ? धरा है कराह रही। शब्द भी डरे हुये, भाव हैं सहम गये। धुआँ है शहर शहर, प्रकृति का कैसा क़हर। कंधों को तरस रही, पडी़ हैं कितनी अरथियाँ। चितायें हैं चेता रही, दे रही चेतावनी। हे महादेव! हो कहाँ? धरा है कराह रही। घर आँगन क्यूँ? अंगारों से […]

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2021 में भारत : कोरोना का क़हर, ज़ुल्म की हुकुमत : विशेष

Yogi Adityanath @myogiadityanath प्यारे प्रदेशवासियों, आज मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि उत्तर प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी प्रदेशवासियों का कोरोना टीकाकरण @UPGovt द्वारा निःशुल्क कराया जाएगा। कोरोना हारेगा, भारत जीतेगा… Piyush Goyal @PiyushGoyal कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में प्रधानमंत्री @NarendraModi जी के मनोबल बढाने वाले आज […]

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इस कश्ती को भी अब पार करे कोई…**रमज़ान** की आमद पर विक्रम प्रताप की नज़म!

**रमजान ** ============== कर्म मुझ पर भी मौला करे कोई नही कहता गिरेबां गैर सिले कोई मै भी हूँ मिटटी गर उसी के हाथो की उसका हूँ तो मेरी और ना सुने कोई दर दर फिरना मुझे भी गवारा तो नही उसके ही दर से अब बिगड़ी बने कोई नमाज़े पांच ना माथे पे निशाँ […]

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दाग़ देहलवी : उर्दू है जिस का नाम हमीं जानते हैं ‘दाग़’। हिन्दोस्तां में धूम हमारी ज़बां की है।।

Syed Faizan Siddiqui =============· 🕛 17 मार्च 1905 ई० #HeroOfNation #PoetOfNation शुरू करता हूँ अपने पसंदीदा शेर से… आशिक़ी से मिलेगा ऐ ज़ाहिद । बंदगी से ख़ुदा नही मिलता ।। उर्दू है जिस का नाम हमीं जानते हैं ‘दाग़’ । हिन्दोस्तां में धूम हमारी ज़बां की है ।। उर्दू शायरों में दाग देहलवी का शुमार […]

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2020 का साहित्य अकादमी पुरस्कार अनामिका को मिला है, कविता की श्रेणी में अनामिका पहली स्त्री कवि हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है!

Ravish Kumar ======================== 2020 का साहित्य अकादमी पुरस्कार अनामिका को मिला है। कविता की श्रेणी में अनामिका हिन्दी की पहली स्त्री कवि हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है। इसलिए भी गौरव की बात है। पुरस्कार किसी कवि की रचना संसार के लिए पूर्ण विराम नहीं होता है। एक घंटी होती है जो चारों तरफ़ बज […]

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ग़ालिब

Ibrahim Ali Khan Shishmahal ========== उसकी मौत की सालगिरह पर: मिर्जा असद उल्लाह बेग खान ‘ग़ालिब’ जन्म-27 दिसंबर 1797, कला महल, आगरा में । निधन-15 फरवरी 1869, गली कासिम जान, बल्लीमारान, चांदनी चौक, दिल्ली में । दिल्ली में निजामुद्दीन इलाके के चौसठ खंबा के पास दफन किया गया । Na tha kuch towe Khuda tha, […]