धर्म

कुछ लोग दूसरों की कमियों व ऐबों से पर्दा उठाते और……

प्रसिद्ध ईरानी शायर मौलवी अपने शेरों और पैग़म्बरे इस्लाम की हदीस को बयान करते हुए कहते हैं कि कुछ लोग दूसरों की कमियों व ऐबों से पर्दा उठाते और दूसरों से बयान करते हैं परंतु अपनी कमियों और ऐबों के संबंध में अंधे होते हैं। महान ईश्वर पवित्र क़ुरआन के सूरे हुजरात की 11वीं आयत […]

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लोगों पर रहम न करना अल्लाह की रहमत के ख़त्म होने का कारण बनता है

अल्लाह की आम रहमत में दोस्त, दुश्मन, मोमिन, काफ़िर, अच्छे और बुरे सब लोग शामिल हैं। जिस तरह से जब वर्षा होती है तो सब जगह होती है मगर यह बात अल्लाह की विशेष रहमत में फ़र्क़ करती है। पैग़म्बरे इस्लाम के उत्तराधिकारी और मुसलमानों के इमाम हज़रत अली हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की पैदाइश के […]

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तौहीद और शिर्क : सूरए साद आयतें 29-33 : पार्ट-52

सूरए साद आयतें 29-33 كِتَابٌ أَنْزَلْنَاهُ إِلَيْكَ مُبَارَكٌ لِيَدَّبَّرُوا آَيَاتِهِ وَلِيَتَذَكَّرَ أُولُو الْأَلْبَابِ (29) इस आयत का अनुवाद हैः यह बरकतों वाली किताब है जिसे हमने तुम्हारे पास भेजा है कि वे इसकी आयतों पर सोच-विचार करें और समझदार इससे पाठ लें। [38:29] पिछले कार्यक्रम में हमने बताया कि मख़लूक़ को पैदा करने की व्यवस्था […]

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पवित्र क़ुरआन पार्ट-51 : नमाज़, इंसान को गुनाहों से पाक करने और ईश्वर की ओर से क्षमा दिलाने का साधन है?!

फ़ातिर का अर्थ चीरने वाला है और यहां पर फ़ातिर का अर्थ पैदा करने वाला है और इसकी गणना महान ईश्वर की विशेषताओं में होती है। महान ईश्वर इस सूरे की दूसरी आयत में फरमाता है ईश्वर जो दयालुता लोगों के लिए खोल दे उसे कोई रोकने वाला नहीं है और जिसे वह रोक ले […]

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तौहीद और शिर्क : सूरए साद आयतें 26-28 : पार्ट-51

सूरए साद आयतें 26-28 يَا دَاوُودُ إِنَّا جَعَلْنَاكَ خَلِيفَةً فِي الْأَرْضِ فَاحْكُمْ بَيْنَ النَّاسِ بِالْحَقِّ وَلَا تَتَّبِعِ الْهَوَى فَيُضِلَّكَ عَنْ سَبِيلِ اللَّهِ إِنَّ الَّذِينَ يَضِلُّونَ عَنْ سَبِيلِ اللَّهِ لَهُمْ عَذَابٌ شَدِيدٌ بِمَا نَسُوا يَوْمَ الْحِسَابِ (26) इस आयत का अनुवाद हैः “ऐ दाऊद! हमने धरती में तुम्हें ख़लीफ़ा (उत्तराधिकारी) बनाया है। अतः तुम लोगों के […]

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पवित्र क़ुरआन पार्ट-50 : नमाज़, इंसान को गुनाहों से पाक करने और ईश्वर की ओर से क्षमा दिलाने का साधन है?!

पवित्र क़ुरआन के सूरै अहज़ाब की ३३वीं आयत में महान ईश्वर कहता है” बेशक ईश्वर ने आप अहलबैत को हर प्रकार की गन्दगी व पाप से उस तरह से दूर रखने का इरादा किया है जिस तरह से दूर रखने का हक़ है।“ पैग़म्बरे इस्लाम की एक पत्नी उम्मे सल्मा कहती हैं” एक दिन हज़रत […]

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पवित्र क़ुरआन पार्ट-49 : नमाज़, इंसान को गुनाहों से पाक करने और ईश्वर की ओर से क्षमा दिलाने का साधन है?!

सूरे अहज़ाब मदीने में उतरा और इसमें 73 आयतें हैं। इस सूरे की कुछ आयतें अहज़ाब नामक जंग के बारे में हैं जिसमें मुसलमानों को नास्तिकों पर चमत्कारिक जीत और पाखंडियों की ओर से रुकावटें खड़ी किए जाने का उल्लेख है इस सूरे में अहज़ाब शब्द तीन पर आया है इसलिए इस सूरे को अहज़ाब […]

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बुज़ुर्गों का सम्मान करो क्योंकि वे बूढ़े हैं, उसके साथ नर्मी और आहिस्ता व्यवहार करो और उसका मान-सम्मान बढ़ाओ!

हज़रत इमाम सज्जाद ने फ़रमाया: बुज़ुर्गों का सम्मान करो क्योंकि वे बूढ़े हैं, उसके साथ शांति, नर्मी और आहिस्ता व्यवहार करो और उसका मान-सम्मान भी बढ़ाओ। इस्लाम के नैतिक पंथ में, आदर और सम्मान के लिए मौजूद अन्य मूल्यों और मानदंडों के साथ, बुढ़ापे और वयस्क होने को मानव गरिमा को संरक्षित रखने के महत्वपूर्ण […]

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”इस्लाम” चाहता है कि इंसान अपनी प्रकृति को नष्ट न करे और न ही उसको दूषित करे

ब्राज़ील के साऊ पाऊलो नगर में इसी महीने एक कांफ्रेंस आयोजित हुई जिसका शीर्षक था, “इस्लाम, वार्ता और ज़िंदगी का धर्म” इस अन्तर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में “मजमए जहानी अहलैबैत” के महासचिव ने भाग लिया। हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन रज़ा रमज़ानी ने इसमें विशेष मेहमान के रूप में हिस्सा लिया। इस कांफ्रेंस में ब्राज़ील के न्याय मंत्रालय […]

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अपनी ज़बान को कैसे अपने क़ाबू में रखें, जानिये!

इस्लाम कहता है कि सबसे बुरा व्यक्ति वह है जिसकी ज़बान से लोग डरते हैं। उस्ताद क़रआती के अनुसार, इंसान को अपनी ज़बान को भद्दे शब्दों के लिए मुंह खोलने की इजाज़त नहीं देनी चाहिए। पवित्र क़ुरआन के व्याख्याकार हुज्जतुल इस्लाम उस्ताद मोहसिन क़रआती कहते हैः ” मुसलमानों के चौथे इमाम, हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन […]