धर्म

सेग ट्रीः वह पेड़ जिसकी छाया में पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद बैठे और वहीं बैठ कर हुदैबिया संधि समझौता लिखा गया!

अलजज़ीरा डाट नेट ने अध्ययनकर्ता महदी अमीन अलमबरूक की एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जो उस पेड़ के बारे में है जिसकी छाया में पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद बैठे और वहीं बैठ कर हुदैबिया संधि समझौता लिखा गया। रेगिस्तान में वही पेड़ उगता है जो बहुत ताक़तवर होता है और हर प्रकार के कठिन हालात का […]

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औरत जिस रूप में भी आपकी ज़िंदगी में शामिल है उसकी कद्र करो!

एक खूबसूरत तहरीर कहते हैं के शादी के बाद औरत का चेहरा और जिस्मानी हालत बताती है के उसके शौहर ने उसे किस हालत में रखा हुआ है, वह औरतें कभी बूढ़ी नहीं होती जिनके शौहर उन पर जान छिड़कते हैं शादी से पहले लड़की मुनासिब शक्ल सूरत की होती है जो पहन ओढ़ कर […]

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ग़रीब की ईदुल अज़हा

घर में तमाम मर्द व औरतें और बच्चे उदास बैठे कुर्बानी के गोश्त का इन्तिज़ार कर रहे है…. सुबह 10 बज गये, फ़िर 11 भी बज गये, राह तकते हुऐ एक घंटा और गुज़र गया कि शायद कुर्बानी का गोश्त खाने को मिल जाये, और जो खुशी जानवर की कुर्बानी से जुडी हुई है उसका […]

धर्म

जिस दिन आकाश, बादल के साथ फटेगा और फ़रिश्ते उतारे जाएंगे, वह दिन इन्क़ार करने वालों के लिए बड़ा ही कठिन होगा : पार्ट 3

وَلَقَدْ صَرَّفْنَاهُ بَيْنَهُمْ لِيَذَّكَّرُوا فَأَبَى أَكْثَرُ النَّاسِ إِلَّا كُفُورًا (50) और निश्चय ही हमने उस (पानी) को उनके बीच विभिन्न ढंग से पेश किया है, ताकि वे ध्यान दें परन्तु अधिकतर लोगों ने अकृतज्ञता के अतिरिक्त कोई दूसरा मार्ग अपनाने से इन्कार किया। (25:50) وَلَوْ شِئْنَا لَبَعَثْنَا فِي كُلِّ قَرْيَةٍ نَذِيرًا (51) और (हे पैग़म्बर!) […]

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इसाई महिला लीना कांस्टेंटिन ने मुसलमान होने के बाद अपना नाम बदलकर मुस्लेमा कर लिया!

एक बार मैं अपने घर में अकेली बैठी हुई थी। शाम का समय था। थोड़ी दूर पर मौजूद मस्जिद से अज़ान की आवाज़ आ रही थी। यह आवाज़ मुझको बहुत अच्छी लग रही थी। मैंने अज़ान को दोहराना आरंभ किया। यह सुनकर लगता है कि अमुक व्यक्ति, आसमानी धर्म इस्लाम की वास्तविकता को पहचानकर मुसलमान […]

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हिंदी अनुवाद, पवित्र कुरआन मजीद : पार्ट 39, सूरह अज-ज़ुमर

सूरह अज-ज़ुमर [39] === ﴾ 1 ﴿ इस पुस्तक का अवतरित होना अल्लाह अति प्रभावशाली, तत्वज्ञ की ओर से है। ﴾ 2 ﴿ हमने आपकी ओर ये पुस्तक सत्य के साथ अवतरित की है। अतः, इबादत (वंदना) करो अल्लाह की शुध्द करते हुए उसके लिए धर्म को। ﴾ 3 ﴿ सुन लो! शुध्द धर्म अल्लाह […]

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कहो ईश्वर एक है : अल्लाह के ख़ास बन्दे : पार्ट 35

हमारी चर्चा यज़ीद बिन मोआविया के हाथ में इस्लामी शासन की लगाम आने के बाद शहीदों के सरदार हुसैन बिन अली के व्यवहार के बारे में है। इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने मदीना से निकलने के बाद आम और ख़ास लोगों को जागरुक बनाने के लिए सॉफ़्ट वॉर की शैली अपनायी। आपने लोगों से मुलाक़ातें कीं, […]

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पवित्र क़ुरआन चमकता हुआ सूर्य है जो अपने प्रकाशमयी मार्गदर्शन से अज्ञानता और अंधकार से मुक्ति दिलाता है : ईश्वरीय वाणी पार्ट 39

सूरे क़सस पवित्र कुरआन का २८वां सूरा है और यह मक्का से मदीना पलायन से पूर्व मक्के में नाज़िल हुआ था। इस सूरे में ८८ आयतें हैं। इस सूरे में हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के पैदा होने, उनके बचपने, जवानी, पैग़म्बरी, एकेश्वरवाद की ओर निमंत्रण और फिरऔन से संघर्ष जैसी उनके जीवन की कुछ घटनाओं को […]

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इस्लामी जगत में मस्जिद की अहमियत और मौजूदा दौर में इसके रोल : पार्ट 22

हमने मस्जिद की उपयोगिता का उल्लेख किया था। आपको यह बताया था कि मस्जिदों का दूसरा काम लोगों को शिक्षित करना भी रहा है। यदि ग़ौर करें तो पता चलता है कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) ने आरंभ से ही लोगों को शिक्षित करने का काम मस्जिदों से ही शुरू किया था। वे मस्जिद में मिंबर […]

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क़ुरैश के सबसे धनी और अपने समय के सबसे बड़े शायर ने इस्लाम की दावत सुनकर क्या कहा!

वलीद बिन मुग़ीरा नाम का व्यक्ति क़ुरैश क़बीले का पूंजीपति और पैसे वाला व्यापारी था। उसके पास काफी धन था इस प्रकार से कि काबे को ढकने के लिए जो पर्दा व कपड़ा लगाया जाता था एक साल वह अपने दम पर खरीदता और लगाता था जबकि क़ुरैश क़बीले के दूसरे समस्त लोग मिलकर क़ाबे […]