धर्म

तरावीह़ की नमाज़ का बयान

Muhammad Tauhid ================= 🕋तरावीह़ की नमाज़ का बयान🕋 👉तरावीह़ वह बीस रकात सुन्नते मुअक्कदा नमाज़ें हैं जो रमज़ान शरीफ में पढ़ी जाती है एशा की फ़र्ज के बाद हर रात में। ➖➖➖➖➖➖➖➖ 👉मसला- तरावीह़ का वक़्त एशा के फ़र्ज पढ़ने के बाद से लेकर सुबह सादिक़ के निकलने तक है। ➖➖➖➖➖➖➖➖ 👉मसला- तरावीह़ में जमात […]

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..आज मैं कलमा पढ़ के मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ का ग़ुलाम बनकर आया हूँ, आज हम काबातुल्लाह में नमाज़ पढ़ने जा रहे है

Shazib Khan ✍️ =============== #हज़रत_उमर_फ़ारूक़_रज़ीयल्लाहु_ताअला_अन्हु जब मुसलमान हुए नमाज़ का वक़्त हुआ तो हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया सहाबा तैयारी करो नमाज़ की, हज़रत उमर फ़ारूक़ रज़ीयल्लाहु ताअला अन्हु ने पूछा..हुज़ूर नमाज़ कहा पढ़ेंगे ? हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया किसी कोने में छुप के पढ़ते है, उमर फ़ारूक़ ने कहा हुज़ूर आपके क़दमों पे मेरे माँ […]

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देश ‘राम’ से चलेगा : भाड़ में गया ‘मॉस्क’, चूल्हे में गयी ‘दो गज़’ दूरी : जे.पी. नड्डा के खंडाघोष, बर्धमान रोड शो में उडी #कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां : वीडियो

फरीदाबाद में एक कार्यक्रम में बोलते हुए बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने एलान किया है कि ‘देश राम से चलेगा, देश संविधान से चलेगा’, संविधान को आरएसएस मानता नहीं इसका मतलब है कि देश में संविधान नहीं चलेगा बल्कि देश ‘राम से चलेगा, यही वजह है कि बीजेपी, आरएसएस और इन से जुड़े संगठन के […]

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वाले दाग़िस्तानी के नाम से मशहूर अलीक़ेली ख़ान : पार्ट 2

अलीक़ुली ख़ान का जन्म इस्फ़हान में सन 1124 हिजरी के सफ़र महीने में हुआ था। वे “वाले दाग़िस्तानी” के नाम से मशहूर हुए। अलीक़ुली ख़ान के पिता का नाम मुहम्मद अली ख़ान था जो वर्ष 1126 हिजरी में ईरवान के “बीगलर बीगी” के पद पर आसीन हुए। सातवीं से बारहवीं शताब्दी हिजरी में बीगलर बीगी, […]

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प्रसिद्ध इतिहासकार और क़ुरआने मजीद के समीक्षक अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी : पार्ट 2

प्रसिद्ध इतिहासकार और क़ुरआने मजीद के समीक्षक अबू जाफर मुहम्मद बिन तबरी सन 224 हिजरी क़मरी में उत्तरी ईरान के आमुल नगर में जन्मे थे और चूंकि वह अत्याधिक तेज़ दिमाग़ के स्वामी थे इस लिए जल्दी ही आरंभिक शिक्षा इसी नगर में पूरी कर ली और मात्र 12 साल की आयु में अपने पिता […]

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इस्लामी जगत में मस्जिद की अहमियत और मौजूदा दौर में इसके रोल : पार्ट 16

जैसा कि पिछले कार्यक्रम में आपको बताया कि मस्जिद बनाने का मुख्य लक्ष्य ईश्वर की उपासना के लिए विशेष स्थल का बनाना है और इसे मस्जिद इसलिए कहते हैं क्योंकि वहां लोग सजदे की मुद्रा में ईश्वर के सामने अपनी तुच्छता को स्वीकार करते हैं। लेकिन मस्जिद की दूसरी उपयोगिता भी है। इस्लाम के उदय […]

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पवित्र क़ुरआन चमकता हुआ सूर्य है जो अपने प्रकाशमयी मार्गदर्शन से अज्ञानता और अंधकार से मुक्ति दिलाता है : ईश्वरीय वाणी पार्ट 33

क़ुराने मजीद के सूरए नूर की 35वीं आयत में उल्लेख है कि ईश्वर आसमान और ज़मीन का नूर अर्थात प्रकाश है। उसके नूर की मिसाल ऐसी है जैसे ताक़ में एक दीप रखा हुआ हो, दीप एक फ़ानूस में हो, फ़ानूस मोती की तरह चमकते हुए तारे की भांति हो, और वह दीप ज़ैतून के […]

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कहो ईश्वर एक है : अल्लाह के ख़ास बन्दे : पार्ट 29

हमने इमाम हसन के जीवन की समीक्षा में यह बताया कि उनके लिए यह मुमकिन न था कि वह भ्रष्ट उमवी व्यवस्था, अन्याय तथा धर्म में अलग से शामिल की जा रही बातों के संबंध में ख़ामोश बैठे रहें क्योंकि वह अपने पिता हज़रत अली  के मार्ग का पालन कर रहे थे कि जिनका लक्ष्य […]

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हिंदी अनुवाद, पवित्र कुरआन मजीद : पार्ट 33, सूरह अल-अह्जाब

हिंदी अनुवाद, पवित्र कुरआन मजीद : पार्ट 33, सूरह अल-अह्जाब [33] ﴾ 1 ﴿ हे नबी! अल्लाह से डरो और काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों की आज्ञापालन न करो। वास्तव में, अल्लाह ह़िक्मत वाला, सब कुछ जानने[1] वाला है। 1. अतः उसी की आज्ञा तथा प्रकाशना का अनुसरण और पालन करो। ﴾ 2 ﴿ तथा पालन करो […]

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हज का इतिहास : सूरे बक़रा की आयत संख्या 158 के नाज़िल होने की दास्तान!

सूरे बक़रा की आयत संख्या 158 के नाज़िल होने की दास्तान बहुत दिलचस्प और पाठदायक है। इस आयत में सफा और मरवा का उल्लेख है। सफ़ा और मरवा दो पहाड़ियां हैं जो मक्के में मौजूद हैं। हाज़ियों के लिए ज़रूरी है कि वे हज के दौरान इन पहाड़ियों के बीच सात चक्कर लगाएं। सफ़ा और […]