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#EVM में गड़बड़ी होती है : मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में बीजेपी की जीत के बाद EVM पर बवाल : वीडियो

 

चुनावों में हार के बाद कुछ राजनीतिक दलों की ओर से ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर उठाए जाने वाले सवालों से चुनाव आयोग अब इसके खिलाफ की जाने वाली किसी भी तरह की शंकाओं पर कोई ठोस पहल करेगा इसकी उम्मीदें हैं लेकिन EVM के प्रति लोगों के भरोसे में कमी का कोई तो हल निकलना ही चाहिए, तीन राज्यों में बीजेपी की जीत के बाद एक बार फिर से EVM का मुद्दा गर्माने लगा है

ईवीएम से अब तक कराए गए 140 से ज्यादा विधानसभा चुनाव
आयोग से जुड़े सूत्रों की मानें तो राजनीतिक दलों की ओर से ईवीएम को लेकर इस तरह के सवाल तब उठाए जा रहे है, जब अब तक देश में ईवीएम के जरिए अलग-अलग राज्यों के 140 से ज्यादा विधानसभा चुनाव कराए जा चुके है। इनमें से करीब 33 चुनावों में अब तक कांग्रेस जीती है, जबकि करीब 29 चुनाव भाजपा ने जीते है।

इसके साथ ही अलग-अलग राज्यों में टीएमसी, बीजेडी, आरडेडी, जेडीयू, जेएमएम, सीपीआई(एम), एआईडीएमके और डीएमके जैसे दलों ने जीत दर्ज कर अपनी सरकारें भी बनाई है। इसके साथ ही 2004 से 2019 तक चार आम चुनाव भी ईवीएम से हो चुके है, जिसमें अब तक दो चुनाव कांग्रेस जीती है और दो भाजपा जीती है।

गौरतलब है कि ईवीएम को लेकर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में लंबी लड़ाई चली। इस दौरान कोर्ट ने पूर्णरूप से आश्वस्त होने और इनमें वीवीपैट जैसे बदलावों के निर्देश साथ ही इसके व्यापक प्रयोग को मंजूरी दी थी। हाल ही में ईवीएम से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाई थी।

ईवीएम को हैक करने की आयोग ने दी थी चुनौती
ईवीएम को हैक करने के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कुछ साल पहले राजनीतिक दलों को इसे हैक करने की चुनौती भी दी थी। आयोग ने इसके लिए ईवीएम पर संदेह जताते वाले दलों को इसके इसके लिए आमंत्रित भी किया था। इस दौरान कोई भी दल सामने नहीं आया था।

 

ANI_HindiNews
@AHindinews
#WATCH दिल्ली: नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारुख़ अब्दुल्ला ने कहा, “…EVM को देखना पड़ेगा। EVM को निकाला नहीं जा सकता है क्योंकि इसकी संख्या बहुत बड़ी है। अगर हमें चुनाव के परिणाम जल्दी चाहिए तो EVM को ठीक करने की कोशिश करनी चाहिए… जब ये EVM मशीन आई थी, उस समय मैं कश्मीर का मुख्यमंत्री था। हमने सवाल किया था कि क्या इसमें(EVM) चोरी हो सकती है? उस समय चुनाव आयोग के लोगों ने इस बात को माना था कि इसमें चोरी हो सकती है…”