विशेष

#Hamas ने गोली चलाई #Gaza में, पर #IDF के अलावा दर्द हुआ #BJP #RSS के भक्तों को : रिपोर्ट

Wajidkhan
@realwajidkhan
#ब्रेकिंग_न्यूज़

7 अक्टूबर को हमास के मुखिया और इजराइल के नंबर एक दुश्मन याह्या अल-सिनवार ने गाजा में अल-अक्सा ऑपरेशन में बंदी बनाए गए यहूदियों से मुलाकात की।

याह्या अल-सिनवार ने यहूदी कैदियों से हिब्रू भाषा में कहा, “गाजा में आपका स्वागत है – आप बहुत सुरक्षित जगह पर हैं – आपको यहां कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा – आपका ख्याल रखा जाएगा।”

गाजा से रिहा हुई एक यहूदी महिला का हिब्रू मीडिया ने साक्षात्कार लिया

यही हमास है और यही इस्लाम की खूबसूरती है – इजरायली सरकार पूरी दुनिया में हमास के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला रही है, लेकिन हमास इस प्रोपेगेंडा का जवाब यहूदियों के मुंह से दे रहा है.

@Misra_Amaresh
@misra_amaresh
आज #Hamas ने गोली चलाई #Gaza मे। पर #IDF के अलावा दर्द हुआ #BJP #RSS के भक्तों को!

#Israel के सैनिकों ने अस्थाई युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए गाज़ा के Al Maghazi इलाके मे #Palestinians पर गोली चलाई। भूल गये कि पुराना समय नही रहा। हमास ने बम फोड़े। कई इजराइली सैनिक घायल!

डिस्क्लेमर – ट्वीट्स में व्यक्त विचार, जानकारियां लोगों की निजी हैं, तीसरी जंग हिंदी का कोई सरोकार नहीं है

 

Taalib-e-ilm ‏{03}
@aazamaamir_3
कमांडर अहमद अल-गंदूर “अबू अनस” की शहादत पर ग़ज़ा के एक फिलिस्तीनी शहरी के अल्फ़ाज़:
अल-कस्साम ने शुमाली ब्रिगेड के अज़ीम कमांडर अबू अनस की शहादत का ऐलान किया है। उनके 39 साल जिहाद व किताल के मैदान में गुज़रे।

वह हमास के उस पहले फ़ौजी दस्ता में से थे जिसने इस्राइल के ख़िलाफ़ 1984 में पहला ऑपरेशन सरंजाम दिया था। इसतरह वह मैदान जंग में मौजूद सबसे पुराने फर्द थे। उनकी बुज़ुर्गी और जंगी मामलात में उनकी महारत की वजह से उनको “अबुल हौल” भी कहा जाता था।

उन्होंने नुमायां मुहाज़ों पर शुमाली ब्रिगेड की क़यादत की, दुश्मन के खिलाफ मुख्तलिफ खूंरेज जंगों में हिस्सा लिया, जिनमें “मअरका अयामुल ग़ज़ब 2004, मअरका अहलुल जन्नह 2006, मअरका अल फुरकान 2008, और दीगर जंगे शामिल हैं। मैदाने जंग में उनकी साबित कदमी

दुश्मन को मुसलसल परेशानी में मुब्तिला रखती।

अबू अनस को अल अक़्सा इंतेफादा के आगाज़ में सैकड़ों फिदाई ऑपरेशन को मुनज़्ज़म करने का सहरा दिया जाता है, जिसमें रीम अल रियाशी (हमास की पहली फिदाई ख़ातून जिनकी बंदूक और क़ुरआन उठाये तस्वीर काफी मक़बूल हुई)

और असदोद की इस्राइली बंदरगाह पर हमला करने का ऑपरेशन जैसे जिसे शोहदा महमूद सालिम और नबील मसऊद ने सर अंजाम दिया था। और बहुत से दूसरे ऑपरेशन जिनको दुश्मन अच्छी तरह जानता है, यहां तक कि फिदाई ब्रिगेड ग़ासिब सह्यूनियो के ख़िलाफ़ सबसे ज़्यादा ताक़तवर ब्रिगेड समझी

जाने लगी।

दुश्मन ने इन्हें 7 ज़िन्दगियों का मालिक क़रार दिया था क्योंकि उनके क़त्ल की बहुत सी मज़मूम इस्राइली कोशिशे नाकाम साबित हुईं, वह हर बार अल्लाह के फ़ज़्ल से बचते रहे और हमेशा मज़ीद मज़बूत और ताकतवर होकर निकले।

फ़लस्तीनी: अल्लाह हमारे मेहरबान कायद पर रहम करे

अल्लाह की कसम हमने उनसे ज़्यादा किसी को नर्म दिल, ज़्यादा आंसू बहाने और ज़ुबान व मंतिक (Logic) पर उबूर रखने वाले को नहीं देखा।

अल्लाह की कसम हमें बड़ा दुःख है और हम हम आपके बाद1 गोया यतीम हो गए हैं लेकिन जब हमने देखा कि आपके लगाए गए पौधों ने फल देना शुरू किया,

आपके शागिर्दों को ज़मीन की तमाम क़ुव्वतें मिलकर भी शिकस्त नहीं दे सकीं तो यह सब देखकर हमारी आंखें आंसुओं से लबरेज़ हो गईं और हमें यक़ीन आ गया कि आपका, आपके मक़सद और सोच का इस तरह खात्मा मुमकिन नहीं।