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IPL में खेलने वाले कश्मीरी मन्ज़ूर ने गार्ड की नौकरी करके अपने परिवार का पेट भरा है-तब मिली है कामयाबी

नई दिल्ली: किसी चीज़ को हासिल करने की तड़प और जुनून दिल मे हो तो फिर कोई भी बड़ा मक़सद बहुत छोटा नज़र आने लगता है,जुनून ही तो होता है जो पहाड़ खोदकर नहर निकाल दिया जाता है या फिर रास्ते बना दिए जाते हैं,तो कोई स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठकर पढ़ाई करता है तो एक दिन कलेक्ट्रे बन जाता है।

ऐसी ही एक सच्ची कहानी हम आपको पढ़वाते हैं जिसने युवाओं के जज्बा भरने का काम किया है जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा के छोटे से गांव से मंजूर डार ने क्रिकेट खेलना शुरू किया था, खेल में बढ़ती रुचि में उसको इस खेल का दिवाना बना दिया जिसके बाद उसने इस मैदान में अपना भविष्य तलाशना शुरू किया तो उसे बड़ी बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन उसने हर एक चुनोती का सामना बड़े हौसले से किया जिसके बाद उसे जो मुकाम हासिल हुआ उसका तो उसे अंदाज़ा भी नही होगा।

मंजूर डार को IPL 2018 में किंग्स इलेवन पंजाब ने खरीदा है। वो घाटी के इकलौते खिलाड़ी हैं, जिसे आईपीएल के इस सीजन में खरीदा गया है। इससे पहले केवल परवेज रसूल ही ऐसे खिलाड़ी थे, जो जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम के कप्तान होने के साथ ही आईपीएल के लिए भी चुने गए थे। मगर डार के लिए यहां तक सफर आसान नहीं रहा है। उनके परिवार में आठ भाई-बहन हैं और वो सबसे बड़े हैं। ऐसे में परिवार की बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर हैं। फिर भी खेल के लिए ये उनका जूनून ही है, जो यहां तक उन्हें खींच लाया।

मंजूर डार का क्रिकेट का सफर संघर्ष से भरपूर रहा है। अपने शुरुआती दिनों के बार में उन्होंने बताया कि, “मैंने साल 2018 से 2012 तक क्रिकेट खेलने के लिए गार्ड की नौकरी की। वो भी रात में। ताकि क्रिकेट खेलना भी जारी रख सकूं। क्लब क्रिकेट और मुश्ताक अली T-20 ट्रॉफी में अच्छा खेल दिखाने की वजह से ही मुझे थोड़ी बहुत शोहरत मिली।” मंजूर डार ने बताया कि, “मेरा एक ही लक्ष्य रहता था कि मैं ज्यादा से ज्यादा मैच खेलूं। ताकि उससे पैसे मिलें और परिवार की मदद कर सकूं।”

डार ने पिछले साल ही जम्मू-कश्मीर की तरफ से डेब्यू किया, नॉर्थ जोन सैयद मुश्ताक अली T-20 ट्रॉफी में डार ने शानदार प्रदर्शन किया। डार ने 9 T-20 मैच में 145 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं।

मंजूर की स्थिति ऐसी थी कि अपना पहला क्लब मैच खेलने के दौरान उसके पास क्रिकेट का जूता तक नहीं था। इतना ही नहीं डार ने बताया कि, परिवार ने बेहद मुश्किलें देखीं हैं। कई बार ऐसे हुआ कि बिना खाए ही परिवार सो गया। ऐसा दौर देखने के बाद वो हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहते हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार के आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से जरूर एक मैच खेलने को मिलेगा